कानपुर की मेधा ने एक बार फिर देशभर में अपना लोहा मनवाया है। इंस्टीट्यूट ऑफ चार्टर्ड अकाउंटेंट्स ऑफ इंडिया (ICAI) द्वारा घोषित सीए इंटरमीडिएट सितंबर 2026 के परिणामों में कानपुर के छात्रों ने अपनी काबिलियत का परचम लहराया है। शहर के होनहार छात्र ओम गुप्ता ने पूरे शहर में पहला स्थान हासिल कर अपने परिवार और गुरुजनों का मान बढ़ाया है।
सफलता की कहानी: ओम की मेहनत और लगन
डिप्टी पड़ाव निवासी ओम गुप्ता ने इस कठिन परीक्षा में कुल 600 में से 400 अंक प्राप्त कर पहला स्थान हासिल किया है। बिशप स्कॉट स्कूल से 12वीं की पढ़ाई करने वाले ओम ने बताया कि यूट्यूब की मदद से उन्होंने सीए बनने का सपना बुना था। ओम अपनी सफलता का श्रेय ‘विषय आधारित लक्ष्य’ बनाकर की गई पढ़ाई को देते हैं। उनके पिता सुधीर गुप्ता कैरीबैग के व्यवसायी हैं और अब ओम ने सीए फाइनल की तैयारी शुरू कर दी है।
शहर के अन्य चमकते सितारे
सीए इंटरमीडिएट की इस कड़ी परीक्षा में शहर के अन्य छात्रों ने भी अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया है:
- काव्य गुप्ता: 399 अंकों के साथ काव्य ने दूसरा स्थान प्राप्त किया। उन्होंने रोज 8-10 घंटे की नियमित पढ़ाई को अपनी सफलता का मंत्र बताया।
- रुद्र प्रताप सिंह: बांदा के रहने वाले रुद्र ने 370 अंकों के साथ तीसरा स्थान हासिल किया। उन्हें उनके चचेरे भाई ने इस राह पर चलने के लिए प्रेरित किया था।
- पार्थ निगम: 359 अंकों के साथ चौथे स्थान पर रहे पार्थ का लक्ष्य सीए के बाद एमबीए करना है।
मायने और प्रभाव
कानपुर जैसे शहर के लिए यह परिणाम किसी उत्सव से कम नहीं हैं। ये नतीजे बताते हैं कि काकादेव की कोचिंग मंडी और शहर का शैक्षिक माहौल छात्रों को कड़ी प्रतिस्पर्धा के लिए तैयार कर रहा है। सफलता का गणित यह है कि केवल कोचिंग पर निर्भर न रहकर, छात्रों ने स्व-अध्ययन (self-study) और नियमित अभ्यास को अपना हथियार बनाया है। यह उपलब्धि न केवल इन छात्रों के लिए मील का पत्थर है, बल्कि उन हजारों युवाओं के लिए भी प्रेरणा है जो आर्थिक तंगी या संसाधनों की कमी के बावजूद चार्टर्ड अकाउंटेंट बनने का सपना देख रहे हैं। सही दिशा और निरंतरता से कानपुर के छात्र वैश्विक स्तर पर अपनी पहचान बनाने के लिए तैयार हैं।




