कानपुर के छत्रपति शाहूजी महाराज विश्वविद्यालय (CSJMU) का माहौल शनिवार को पूरी तरह भक्तिमय हो गया। राधाष्टमी के पावन अवसर पर आयोजित भजन संध्या में इतनी भारी भीड़ उमड़ी कि विश्वविद्यालय प्रबंधन को कार्यक्रम का स्थान तक बदलना पड़ा। यह नज़ारा देखकर हर कोई हैरान रह गया कि आस्था और संगीत का ऐसा जादू लोगों पर चढ़ा कि पूरा कैंपस झूम उठा।
सभागार छोटा पड़ा, हेलीपैड बना आस्था का केंद्र
कार्यक्रम के लिए वीरांगना रानी लक्ष्मी बाई सभागार का चयन किया गया था, लेकिन दोपहर तीन बजे शुरू होने वाले कार्यक्रम के लिए श्रोता सुबह दस बजे से ही जुटने लगे थे। देखते ही देखते सभागार पूरी तरह भर गया और बाहर भारी भीड़ जमा हो गई। भीड़ को काबू में करने और सभी को सुनने का मौका देने के लिए कुलपति प्रोफेसर विनय पाठक ने तत्परता दिखाई और कार्यक्रम को विश्वविद्यालय के हेलीपैड पर स्थानांतरित करने का निर्णय लिया।
मंत्रमुग्ध कर देने वाली प्रस्तुति
प्रसिद्ध भजन गायक पुंडरीक गोस्वामी और रेणुका गोस्वामी जैसे ही मंच पर आए, माहौल में एक अलग ही ऊर्जा दौड़ गई। उन्होंने अपनी सुरीली आवाज में जब भजनों की शुरुआत की, तो दर्शक भाव-विभोर हो गए।
प्रमुख आकर्षण:
- राधा-कृष्ण के भजनों की धूम: ‘बरसाने में आज आनंद छायो’, ‘मेरी विनती यही है राधा रानी’ जैसे भजनों पर युवा छात्र-छात्राएं झूमते नजर आए।
- आध्यात्मिक वातावरण: कीर्ति मैया दे दे बधाई और राधा जन्म उत्सव के भजनों ने पूरे परिसर को ‘राधा-मय’ बना दिया।
- सुरक्षा और प्रबंधन: भीड़ को देखते हुए विश्वविद्यालय प्रबंधन ने सुरक्षा की पुख्ता व्यवस्था की थी, ताकि कोई भी परेशानी न हो।
मायने और प्रभाव
यह आयोजन केवल एक सांस्कृतिक कार्यक्रम नहीं था, बल्कि यह दर्शाता है कि आज की युवा पीढ़ी अपनी जड़ों और आध्यात्मिक संगीत से कितनी गहराई से जुड़ी है। सीएसजेएमयू जैसे शैक्षणिक संस्थान में इस तरह के आयोजनों से छात्रों के बीच अनुशासन और संस्कार का भाव विकसित होता है। साथ ही, कानपुर जैसे औद्योगिक शहर में इस तरह की भजन संध्याएं मानसिक तनाव को कम कर लोगों को सकारात्मक ऊर्जा से भरने का काम करती हैं। यह आयोजन साबित करता है कि जब संगीत में भक्ति का पुट हो, तो वह हर सीमा को पार कर एक सामूहिक उत्सव का रूप ले लेता है।




