कानपुर में रविवार को हुई झमाझम बारिश ने एक तरफ जहां चिलचिलाती गर्मी से राहत दी है, वहीं दूसरी तरफ शहरवासियों के लिए उमस भरी मुसीबत का सबब भी बन गई है। रविवार को दर्ज की गई 17.7 मिमी बारिश के बाद तापमान में तो गिरावट आई है, लेकिन हवा में मौजूद नमी ने लोगों का जीना मुहाल कर दिया है।
क्यों बढ़ रही है शहर में उमस?
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, बारिश के बाद जमीन की गर्मी भाप बनकर ऊपर उठ रही है, जिसकी वजह से शहर में भारी उमस का अहसास हो रहा है। दिन भर पसीने और चिपचिपाहट से लोग परेशान दिख रहे हैं। आसमान में बादलों की आवाजाही तो बनी हुई है, लेकिन चिलचिलाती धूप और नमी का कॉकटेल शरीर को थका रहा है।
मौसम विभाग की क्या है भविष्यवाणी?
कानपुर के मौसम केंद्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, फिलहाल अगले 30 जून तक मौसम का मिजाज ऐसा ही बना रहने वाला है। विभाग ने स्पष्ट किया है कि:

- अगले 24 से 48 घंटों तक आसमान में बादल छाए रहेंगे।
- तापमान में ज्यादा बदलाव की संभावना नहीं है।
- हल्की बूंदाबांदी हो सकती है, लेकिन उमस से तत्काल राहत की उम्मीद कम है।
मायने और प्रभाव: आम जनता पर असर
इस मौसम का सीधा असर जनजीवन पर पड़ रहा है। भीषण उमस के चलते स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं, जैसे डिहाइड्रेशन और स्किन इंफेक्शन का खतरा बढ़ गया है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों की सलाह है कि लोग ज्यादा पानी पिएं और बाहर निकलते समय एहतियात बरतें। मानसून की यह चाल बताती है कि अभी कानपुर वासियों को असली राहत के लिए कुछ दिन और इंतजार करना होगा। खेती-किसानी से जुड़े लोगों के लिए भी यह बारिश मिली-जुली साबित हो रही है, जहां धान की रोपाई के लिए नमी जरूरी है, वहीं उमस का प्रकोप फसलों पर कीटों के हमले का खतरा भी बढ़ा सकता है।


