कानपुर में भू-माफियाओं के हौसले इतने बुलंद हैं कि उन्होंने सरकारी संपत्ति को भी नहीं बख्शा। नौबस्ता इलाके में आवास-विकास परिषद की बेशकीमती जमीन को फर्जी दस्तावेजों के सहारे कब्जाने और उसे बेचने का बड़ा खेल सामने आया है। इस मामले में अब पुलिस ने पांच लोगों के खिलाफ गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है।
फर्जी दस्तावेजों से रची साजिश
आवास-विकास परिषद खंड-दो के अधिशासी अभियंता मिश्री लाल ने इस मामले का खुलासा किया। उन्होंने पुलिस को दी गई शिकायत में बताया कि ग्राम बूढ़पुर, मछरिया में स्थित सरकारी जमीन पर भू-माफियाओं ने अवैध कब्जा कर वहां निर्माण कार्य शुरू कर दिया था। आरोपियों ने न केवल जमीन पर कब्जा किया, बल्कि फर्जी दस्तावेज तैयार कर उसे दूसरों को बेचने का भी प्रयास किया।
पुलिस की ढिलाई और अधिकारियों की फटकार
इस मामले की शिकायत 15 जुलाई को ही नौबस्ता पुलिस और डीसीपी साउथ के पास पहुंच गई थी। हालांकि, लंबे समय तक कोई ठोस कार्रवाई न होने से भू-माफियाओं के हौसले और बढ़ गए। जब स्थानीय पुलिस ने चुप्पी साध ली, तब अधिशासी अभियंता ने पुलिस आयुक्त (CP) से गुहार लगाई। उच्च अधिकारियों के दखल के बाद आखिरकार नौबस्ता थाने में FIR दर्ज की गई।
- आरोपी: राजा सिंह, अब्दुल लतीफ, मो. नफीस, यूनुस और एक अज्ञात।
- स्थान: मछरिया, नौबस्ता, कानपुर।
- आरोप: धोखाधड़ी, कूटरचित दस्तावेज बनाना और सरकारी जमीन पर अवैध निर्माण।
मायने और प्रभाव: आम जनता के लिए क्या है संकेत?
यह मामला शहर के उन लोगों के लिए एक बड़ी चेतावनी है जो अनजाने में सरकारी जमीन या विवादित प्रॉपर्टी खरीदने की योजना बना रहे हैं। भू-माफिया अक्सर गरीबों और भोले-भाले लोगों को सस्ते दाम का लालच देकर ऐसी जमीनों में फंसा देते हैं।
जब पुलिस और प्रशासन की ओर से ऐसी कार्रवाई होती है, तो यह स्पष्ट संदेश देती है कि सरकारी संपत्ति को हड़पना अब आसान नहीं होगा। कानपुर में जमीन के बढ़ते दामों के बीच, इस तरह की धांधली शहर की व्यवस्थित विकास योजना में बड़ी बाधा बनती है। पुलिस का कहना है कि अब मामले की गहन जांच की जा रही है और जल्द ही आरोपियों को सलाखों के पीछे भेजा जाएगा।


