कानपुर में एक युवती की दास्तान ने शहर के लोगों को झकझोर कर रख दिया है। एक युवक ने अपना नाम और पहचान छिपाकर न केवल युवती को प्यार के जाल में फंसाया, बल्कि शादी करने के बाद उसे धर्मांतरण के लिए मजबूर करना शुरू कर दिया। इस मामले ने पूरे इलाके में हड़कंप मचा दिया है।
दोस्ती से धोखे तक का सफर
पीड़ित युवती का आरोप है कि उसकी मुलाकात 2015 में कॉलेज के दौरान एक युवक से हुई थी, जिसने खुद को ‘अंकित वर्मा’ बताया था। उसने शादी का झांसा देकर युवती का शारीरिक शोषण किया और फिर प्रयागराज ले जाकर उससे शादी कर ली। सच्चाई तब सामने आई जब वह अपनी ससुराल पहुंची।
असली चेहरा सामने आया
ससुराल पहुँचते ही युवती को पता चला कि उसका पति असल में मोहम्मद शोएब है। इतना ही नहीं, वह पहले से शादीशुदा था और उसकी एक डेढ़ साल की बेटी भी है। जब युवती ने विरोध किया, तो उस पर धर्म परिवर्तन करने का दबाव बनाया जाने लगा।
- झूठी पहचान: युवक ने खुद को हिंदू बताकर युवती को गुमराह किया।
- धर्मांतरण की कोशिश: शादी के बाद शोएब ने युवती पर इस्लाम कबूल करने का दबाव डाला।
- शारीरिक और मानसिक प्रताड़ना: विरोध करने पर युवक ने मारपीट की और युवती की नौकरी भी छुड़वा दी।
मायने और प्रभाव
यह मामला महज एक घरेलू विवाद नहीं है, बल्कि यह उन सोची-समझी साजिशों की तरफ इशारा करता है जहां प्यार को एक हथियार के रूप में इस्तेमाल किया जाता है। कानपुर के कलक्टरगंज और बजरिया जैसे इलाकों में इस तरह की घटनाओं का सामने आना सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करता है।
कानपुर पुलिस की कार्रवाई: थाना प्रभारी संजीव कुमार सिंह के अनुसार, इस मामले में धर्मांतरण और एससी-एसटी एक्ट की धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। पुलिस अब मामले की गहराई से जांच कर रही है, ताकि आरोपी को कड़ी सजा मिल सके। ऐसी घटनाएं समाज में विश्वास की कमी पैदा करती हैं और आम नागरिकों को, विशेषकर छात्राओं को सतर्क रहने के लिए मजबूर करती हैं।


