कानपुर के किदवईनगर इलाके में एक पॉश फ्लैट के अंदर चल रहे जुए के खेल का पुलिस ने भंडाफोड़ किया है। प्रॉपर्टी डीलिंग के नाम पर सजे इस अड्डे पर जब एसओजी (SOG) टीम ने धावा बोला, तो वहां जुआरियों के बीच हड़कंप मच गया। पुलिस ने मौके से सात लोगों को रंगे हाथों पकड़ा है।
प्रॉपर्टी ऑफिस का मुखौटा और अंदर का सच
गोशाला स्थित शिव अवध अपार्टमेंट के फ्लैट नंबर 103 में ‘जीवी ग्रुप’ का ऑफिस था। बाहर से देखने पर यह किसी प्रॉपर्टी डीलर का दफ्तर लगता था, लेकिन असल में यहां धड़ल्ले से जुए की बाजी लग रही थी। लंबे समय से मिल रही शिकायतों के आधार पर पुलिस और एसओजी की संयुक्त टीम ने घेराबंदी कर इस ठिकाने पर रेड मारी।
क्या-क्या हुआ बरामद?
- मौके से कुल 2.60 लाख रुपये की नगदी बरामद की गई।
- जुए में शामिल सात लोगों को मौके से गिरफ्तार किया गया।
- फ्लैट को किराए पर लेकर जुआ खिलाने वाले मुख्य आरोपी विजय गुप्ता की पहचान हुई है।
गिरफ्तार किए गए आरोपियों में विजय गुप्ता के अलावा हिमांशू पटेल, दीपक उमराव, कुनाल गुप्ता, देवेंद्र पाल, पुष्पराज गुप्ता और गौरव विश्वकर्मा शामिल हैं। किदवईनगर पुलिस ने इन सभी के खिलाफ मामला दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है।
मायने और प्रभाव
इस छापेमारी के सीधे तौर पर बड़े सामाजिक मायने हैं। रिहायशी इलाकों में प्रॉपर्टी डीलिंग जैसे व्यवसाय की आड़ में चलने वाली ऐसी गतिविधियां न केवल कानून-व्यवस्था के लिए चुनौती हैं, बल्कि स्थानीय लोगों के लिए भी खतरा बनी रहती हैं। इस तरह की घटनाओं से समाज में अपराध का ग्राफ बढ़ता है और युवा पीढ़ी गलत राह पर भटक सकती है। पुलिस की यह सख्त कार्रवाई संदेश देती है कि अगर समाज के बीच में इस तरह के अड्डे पनपेंगे, तो पुलिस का डंडा उन पर तुरंत चलेगा।




