कानपुर के व्यस्त जीटी रोड पर मंगलवार देर रात हुई एक घटना ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया है। एक छोटी सी लापरवाही ने तीन साल की मासूम बच्ची की जिंदगी छीन ली। कार्डियोलॉजी अस्पताल के सामने हुए इस दर्दनाक हादसे में एक डीसीएम ट्रक के नीचे आने से बच्ची की मौके पर ही मौत हो गई।
क्या था पूरा मामला?
घटना मंगलवार रात करीब 11:15 बजे की है। एक दंपती अपनी स्कूटी पर सवार होकर गुजर रहे थे, तभी जीटी रोड पर एक कट से अचानक मुड़ने की कोशिश में डीसीएम ट्रक और स्कूटी का संतुलन बिगड़ गया। डीसीएम का पिछला पहिया सीधे स्कूटी के पीछे बैठी मासूम बच्ची पर चढ़ गया, जिससे उसकी जान नहीं बच सकी।
गुस्साई भीड़ का फूटा गुस्सा
हादसे के तुरंत बाद मौके पर हड़कंप मच गया। स्थानीय लोगों और राहगीरों ने गाड़ी को घेर लिया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, लोगों का गुस्सा इतना ज्यादा था कि उन्होंने डीसीएम चालक और उसके क्लीनर को पकड़कर जमकर पीटा। सूचना मिलते ही पुलिस की टीम मौके पर पहुंची और भारी मशक्कत के बाद भीड़ को नियंत्रित किया।
मायने और प्रभाव: सड़क सुरक्षा पर बड़े सवाल
यह घटना कानपुर की सड़कों पर व्याप्त असुरक्षा की ओर इशारा करती है। जीटी रोड जैसे प्रमुख मार्गों पर भारी वाहनों का बेतरतीब चलना और छोटे वाहनों के साथ समन्वय न होना अक्सर ऐसी दुर्घटनाओं को न्योता देता है।
- ट्रैफिक नियम: सड़कों पर ‘कट’ या मोड़ पर मुड़ते समय भारी वाहनों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है।
- सुरक्षा का मुद्दा: दोपहिया वाहनों पर बच्चों को ले जाते समय अतिरिक्त सुरक्षा उपायों की कमी ऐसी त्रासदियों का कारण बनती है।
- प्रशासनिक जिम्मेदारी: व्यस्त सड़कों पर रश ऑवर या देर रात के समय भारी वाहनों की आवाजाही पर लगाम कसने की सख्त जरूरत है।
फिलहाल पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और मामले की जांच जारी है। यह हादसा न केवल एक परिवार के लिए अपूरणीय क्षति है, बल्कि प्रशासन के लिए भी एक चेतावनी है कि शहर की सड़कों को और सुरक्षित बनाने की दिशा में सख्त कदम उठाए जाएं।


