कानपुर के लाजपत नगर में शनिवार की शाम एक अलग ही रंग में रंगी नजर आई। मौका था सिंध क्लब ऑफ कानपुर द्वारा आयोजित शानदार डांडिया नाइट का, जहां शहर की महिलाओं ने उत्साह के साथ हिस्सा लिया। ढोल की थाप और डांडिया की खनक ने माहौल में चार चांद लगा दिए।
रंग-बिरंगे परिधानों से सजा मंच
कार्यक्रम स्थल पर जैसे ही डांडिया की धुनें बजना शुरू हुईं, महिलाएं खुद को थिरकने से रोक नहीं पाईं। पारंपरिक गुजराती परिधानों और गहनों से सजी महिलाएं बेहद खूबसूरत लग रही थीं। ‘ढोली तारो ढोल बाजे’ से लेकर ‘लंदन ठुमकदा’ तक के गानों पर जमकर डांडिया खेला गया, जिससे पूरा हॉल उत्सवमय हो उठा।
खेल और पुरस्कारों की रही धूम
सिर्फ डांस ही नहीं, बल्कि आयोजन में कई दिलचस्प गेम्स का भी सिलसिला चला। हंसी-मजाक और प्रतिस्पर्धा के बीच महिलाओं ने अपनी सक्रिय भागीदारी दर्ज कराई। कार्यक्रम के अंत में विजेता प्रतिभागियों को पुरस्कृत कर उनका उत्साहवर्धन भी किया गया।

आयोजन में इनकी रही सक्रिय भागीदारी
इस भव्य कार्यक्रम को सफल बनाने में अध्यक्ष ममता लालचंदानी, पूनम गिडवानी, मनीषा डोडवानी, राशि निहलानी, सूरज आहूजा और कनिका गुनानी जैसी प्रमुख हस्तियों ने मुख्य भूमिका निभाई। उनकी देखरेख में कार्यक्रम का आयोजन बेहद व्यवस्थित ढंग से संपन्न हुआ।
मायने और प्रभाव
ऐसे सांस्कृतिक आयोजन कानपुर जैसे औद्योगिक शहर में सामुदायिक जुड़ाव के लिए बेहद अहम हैं। त्योहारों के बहाने लोग अपने व्यस्त जीवन से समय निकालकर अपनों के साथ मिलते हैं और परंपराओं को जीवंत रखते हैं। यह न केवल मनोरंजन का साधन हैं, बल्कि स्थानीय स्तर पर सामाजिक सौहार्द को भी बढ़ावा देते हैं।



