कानपुर के नौबस्ता इलाके से एक दिल दहला देने वाली खबर सामने आई है। के-ब्लॉक यशोदा नगर में रहने वाली 20 वर्षीय अंजलि जायसवाल ने अपने ही घर में फंदा लगाकर जान दे दी। इस घटना के पीछे का कारण बेहद गंभीर है—मकान के बंटवारे को लेकर चल रहा विवाद और उसके बाद हुई मारपीट।
क्या है पूरा मामला?
अंजलि इंटर की पढ़ाई पूरी कर चुकी थी और अपने घर पर ही रहती थी। उसके भाई आदित्य के अनुसार, चार दिन पहले उनकी एक रिश्तेदार ने अपने कुछ साथियों के साथ मिलकर उनके घर पर धावा बोल दिया। यह विवाद मकान के बंटवारे को लेकर था, जिसमें अंजलि, उसकी मां और अन्य परिजनों के साथ बुरी तरह मारपीट की गई और घर पर पत्थरबाजी भी हुई।
पुलिस की कार्यशैली पर खड़े हुए सवाल
पीड़ित परिवार का आरोप है कि मारपीट की इस घटना के तुरंत बाद उन्होंने नौबस्ता थाने में प्रार्थना पत्र दिया था। आरोप है कि पुलिस ने कार्रवाई करने के बजाय उन्हें गाली-गलौज देकर थाने से भगा दिया। इस बेरुखी और घटना के आघात ने अंजलि को अंदर से तोड़ दिया, जिसके चलते उसने यह घातक कदम उठा लिया।
मायने और प्रभाव
यह घटना समाज में बढ़ते पारिवारिक विवादों और पुलिस प्रशासन की संवेदनहीनता की ओर इशारा करती है। एक युवा लड़की का इस तरह से जान देना बताता है कि छोटे से दिखने वाले पारिवारिक विवाद अगर समय रहते नहीं सुलझाए जाएं, तो वे कितनी बड़ी त्रासदी बन सकते हैं। साथ ही, पुलिस का पीड़ित की शिकायत पर कार्रवाई न करना सिस्टम में मौजूद उस खामी को दिखाता है, जहां आम आदमी को न्याय के लिए दर-दर भटकना पड़ता है। स्थानीय प्रशासन को अब इस मामले में सख्त जांच कर दोषियों पर कार्रवाई करनी होगी ताकि न्याय की उम्मीद कायम रह सके।



