सिविल लाइंस में अफरा-तफरी का माहौल
कानपुर के पॉश इलाके सिविल लाइंस में सोमवार सुबह एक बड़ा हादसा होते-होते टल गया। रिजर्व बैंक के ठीक पीछे स्थित मशहूर वेस्टकॉट स्कूल की बाहरी दीवार मूसलाधार बारिश के चलते अचानक भरभराकर ढह गई। स्कूल की बाउंड्री वॉल के मलबे में तब्दील होते ही इलाके में हड़कंप मच गया।
गनीमत रही कि कोई चपेट में नहीं आया
घटना के वक्त सड़क पर लोगों और वाहनों की आवाजाही थी। दीवार गिरने की तेज आवाज सुनकर आसपास के लोग सहम गए। गनीमत रही कि इस दौरान कोई भी बच्चा या राहगीर दीवार के नीचे नहीं आया, वरना यह मामला किसी बड़ी त्रासदी में बदल सकता था।
प्रशासन की लापरवाही पर उठे सवाल
लगातार हो रही बारिश के कारण पुराने ढांचों की स्थिति चिंताजनक बनी हुई है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि स्कूल प्रशासन ने दीवार की मजबूती को लेकर लंबे समय से ध्यान नहीं दिया था, जो इस बारिश में काल बनकर सामने आई।
मायने और प्रभाव
इस घटना ने कानपुर के जर्जर हो चुके स्कूल भवनों और पुरानी इमारतों की सुरक्षा पर बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है। इसके मायने यह हैं कि:
- सुरक्षा ऑडिट की जरूरत: प्रशासन को मानसून से पहले सभी शैक्षणिक संस्थानों के ढांचों का ऑडिट अनिवार्य करना चाहिए।
- अभिभावकों की चिंता: स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों की सुरक्षा को लेकर अब अभिभावक सख्त रुख अपना सकते हैं।
- जवाबदेही तय हो: यदि दीवारें पुरानी थीं, तो इसके रखरखाव की जिम्मेदारी तय की जानी चाहिए ताकि भविष्य में किसी की जान पर न बनाए।




