परेड चौराहे पर दिनदहाड़े गैंग ने बोला धावा
कानपुर के व्यस्त परेड चौराहे पर हुई एक वारदात ने शहर की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। ललितपुर में तैनात दरोगा की पत्नी को टप्पेबाजों ने न केवल अपना शिकार बनाया, बल्कि उन्हें सम्मोहित कर ढाई लाख रुपये कीमत की सोने की चेन भी पार कर दी।
चौबेपुर निवासी अनीता देवी ने बताया कि वह चार दिन पहले परेड चौराहे के पास खरीदारी के लिए आई थीं। तभी दो युवक और एक महिला उनके पास आए और मदद के बहाने बातचीत शुरू कर दी।
कैसे जाल में फंसी पीड़िता?
पीड़िता ने सीपी को दी अपनी शिकायत में बताया कि आरोपियों ने उनसे किसी पार्सल को भिजवाने की मदद मांगी। जैसे ही अनीता ने उन्हें कुछ पैसे देने की कोशिश की, एक युवक ने उनके पैर छू लिए।
अनीता के अनुसार, पैर छूते ही उन्हें कुछ अजीब महसूस हुआ और वे सम्मोहन (हिप्नोटिज्म) का शिकार हो गईं। वे उन लोगों के साथ बिना कुछ सोचे-समझे बड़े चौराहे तक चली गईं। जब उनका होश लौटा, तो टप्पेबाज गायब थे और उनके गले से चेन नदारद थी।
पुलिस की कार्रवाई और सीसीटीवी का सहारा
घटना की गंभीरता को देखते हुए कोतवाली पुलिस अब मामले की गहन जांच में जुट गई है। पुलिस आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों को खंगाल रही है ताकि इन शातिर अपराधियों की पहचान हो सके।
सीपी ने आश्वासन दिया है कि अपराधियों के चेहरे फुटेज में स्पष्ट दिखाई दे रहे हैं और जल्द ही उन्हें गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
मायने और प्रभाव: आम जनता के लिए चेतावनी
यह घटना कानपुर जैसे बड़े शहरों में बढ़ रहे ‘टप्पेबाजों’ के नए तौर-तरीकों की ओर इशारा करती है। यह वारदात बताती है कि अपराधी अब सीधे लूट के बजाय मनोवैज्ञानिक चालों का इस्तेमाल कर रहे हैं।
- सावधानी ही बचाव है: भीड़भाड़ वाले इलाकों में अनजान लोगों से दूरी बनाए रखें।
- अंधविश्वास या सम्मोहन: अक्सर अपराधी पैर छूने या कोई वस्तु सुंघाने के बहाने अपना काम करते हैं, सतर्क रहें।
- सुरक्षा का मुद्दा: दिनदहाड़े व्यस्त चौराहे पर ऐसी घटना पुलिस की गश्त पर सवाल उठाती है। स्थानीय निवासियों को भी ऐसी संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखने की जरूरत है।


