कानपुर में फिटनेस के नाम पर एक खौफनाक खेल का खुलासा हुआ है। शहर के एक जिम में किशोर की सेहत सुधारने का झांसा देकर उसे जानलेवा स्टेरॉयड के इंजेक्शन लगाने का मामला सामने आया है। जब युवक की तबीयत अचानक बिगड़ने लगी, तब जाकर पूरे मामले की पोल खुली।
क्या है पूरा मामला?
पीड़ित किशोर ने पुलिस कमिश्नर को दी अपनी शिकायत में बताया कि वह अपनी फिटनेस सुधारने के लिए स्थानीय जिम जाता था। वहां के संचालक ने उसे विटामिन इंजेक्शन बताकर कई बार घातक स्टेरॉयड के डोज दिए। किशोर को इस बात की भनक तक नहीं थी कि उसकी मांसपेशियों को फूलाने के नाम पर उसके शरीर में जहर घोला जा रहा है।
बिगड़ती गई हालत
इंजेक्शन लेने के कुछ समय बाद ही किशोर को सीने में दर्द, सांस लेने में तकलीफ और घबराहट महसूस होने लगी। धीरे-धीरे उसकी शारीरिक स्थिति खराब होती गई, जिसके बाद परिजनों ने डॉक्टर से जांच कराई। जांच में सामने आया कि उसके शरीर में खतरनाक दवाओं और स्टेरॉयड का प्रभाव है, जिसने उसके अंगों को गंभीर रूप से प्रभावित किया है।
मायने और प्रभाव: आम जनता के लिए चेतावनी
यह घटना फिटनेस के दीवाने युवाओं के लिए एक बड़ी चेतावनी है। कम समय में मस्कुलर बॉडी पाने की होड़ में युवा अक्सर ऐसे जिम संचालकों के झांसे में आ जाते हैं, जिनके पास न तो मेडिकल डिग्री होती है और न ही नैतिकता।
- प्रोफेशनल सलाह लें: बिना किसी प्रमाणित डॉक्टर की सलाह के कोई भी सप्लीमेंट या इंजेक्शन लेना मौत को बुलावा देना है।
- जिम की विश्वसनीयता: अपने जिम को चुनने से पहले ट्रेनर की विशेषज्ञता और वहां इस्तेमाल होने वाले सप्लीमेंट्स की जांच जरूर करें।
- कानूनी कार्रवाई: ऐसे मामलों में तुरंत पुलिस को सूचित करना चाहिए ताकि और कोई बच्चा इनका शिकार न बने।
कानपुर प्रशासन अब इस मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच में जुट गया है। जिम संचालक की इस करतूत ने स्वास्थ्य जगत में एक बड़ी बहस छेड़ दी है, जहां फिटनेस के नाम पर ‘शॉर्टकट’ अपनाना अब जानलेवा साबित हो रहा है।




