कानपुर की सबसे बड़ी सिरदर्दी में शुमार ‘जरीब चौकी चौराहा’ अब जल्द ही जाम की बेड़ियों से मुक्त होता दिखाई देगा। वर्षों से रोजाना घंटों ट्रैफिक में फंसने वाले लाखों वाहन चालकों के लिए राहत की खबर है। कानपुर के जिलाधिकारी जितेंद्र प्रताप सिंह ने खुद मोर्चा संभालते हुए इस बहुप्रतीक्षित परियोजना की कमान कस दी है।
320 करोड़ की परियोजना पर तेज हुई रफ्तार
शहर के व्यस्ततम इलाकों में से एक जरीब चौकी पर दबाव कम करने के लिए प्रशासन ने 320 करोड़ रुपये का मेगा प्रोजेक्ट तैयार किया है। बुधवार को डीएम ने मौके पर पहुंचकर निर्माण कार्यों का बारीकी से जायजा लिया। उन्होंने साफ शब्दों में अधिकारियों को हिदायत दी है कि किसी भी हाल में काम में देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
दिसंबर तक का बड़ा टारगेट
डीएम जितेंद्र प्रताप सिंह ने जल निगम (नगरीय) और संबंधित विभागों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि दिसंबर 2026 तक हर हाल में यूटिलिटी शिफ्टिंग का काम पूरा कर लिया जाए। वर्तमान में सीवर लाइन शिफ्टिंग का काम युद्धस्तर पर चल रहा है।
- कालपी रोड: ममता साड़ी की दुकान से जरीब चौकी तक 591 मीटर सीवर लाइन।
- जरीब चौकी से भाटिया मोटर्स: 442 मीटर की पाइपलाइन शिफ्टिंग।
- वारसी फर्नीचर से जरीब चौकी: 520 मीटर का कार्य।
- जीटी रोड: ट्रेंड्स शोरूम से जरीब चौकी तक 523 मीटर की लाइन।
मायने और प्रभाव: आम जनता को क्या मिलेगा?
इस परियोजना के सीधे मायने हैं – समय और ईंधन की बचत। जरीब चौकी पर लगने वाला जाम न केवल आम नागरिकों का कीमती समय खराब करता है, बल्कि यह औद्योगिक शहर के लॉजिस्टिक्स पर भी असर डालता है। यूटिलिटी शिफ्टिंग का काम पूरा होते ही राज्य सेतु निगम मुख्य निर्माण कार्य को गति दे सकेगा, जिससे सड़क की चौड़ाई बढ़ेगी और यातायात सुगम होगा। कानपुर के निवासियों के लिए यह प्रोजेक्ट शहर की ट्रैफिक व्यवस्था को बदलने वाला साबित हो सकता है, बशर्ते काम निर्धारित समय सीमा के भीतर पूरा हो।





