सड़क किनारे मौत का मंजर
उन्नाव-लालगंज हाईवे पर उस वक्त कोहराम मच गया जब सड़क किनारे खड़ा एक कंटेनर लोगों के लिए काल बन गया। ककरारी गांव के पास टायर बदलने की कोशिश कर रहे तीन लोगों को एक बेकाबू ट्रक ने जोरदार टक्कर मार दी। पलक झपकते ही वहां लाशें बिछ गईं।
मदद बनी मौत का सबब
घटना की शुरुआत तब हुई जब एक कंटेनर का अचानक टायर पंचर हो गया। कंटेनर चालक टायर बदल ही रहा था कि तभी उसके रिश्तेदार, जो पास में ही मौजूद थे, मदद के लिए आगे आए। वे लोग पहिया ठीक करने में जुटे ही थे कि पीछे से आ रहे एक तेज रफ्तार ट्रक ने उन्हें रौंद डाला।
एक परिवार के बुझे चिराग
इस भीषण हादसे में मारे गए तीनों लोग आपस में गहरे रिश्तेदार थे। मृतकों में कंटेनर चालक के साथ उसके फुफेरे भाई और भतीजे शामिल हैं। हादसे की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी। शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है और ट्रक चालक की तलाश शुरू कर दी गई है।

मायने और प्रभाव: हाईवे पर सुरक्षा का सवाल
यह घटना हमें यह सोचने पर मजबूर करती है कि हमारे हाईवे आज भी कितने असुरक्षित हैं।
- सुरक्षा नियमों की अनदेखी: हाईवे पर गाड़ी खराब होने पर रिफ्लेक्टर्स और चेतावनी संकेतों का उपयोग न करना जानलेवा साबित हो सकता है।
- चालकों की लापरवाही: सड़क पर बेकाबू रफ्तार और नींद में गाड़ी चलाने की प्रवृत्ति लगातार ऐसे हादसों को न्योता दे रही है।
- प्रशासनिक जवाबदेही: पुलिस और हाईवे अथॉरिटी को ऐसे हादसों को रोकने के लिए सड़क किनारे पार्किंग की व्यवस्था और इमरजेंसी पेट्रोलिंग को सख्त करना होगा।
इस हादसे ने न केवल एक परिवार को हमेशा के लिए तोड़ दिया है, बल्कि उन तमाम लोगों के लिए सबक है जो हाईवे पर चलते समय सुरक्षा को लेकर लापरवाह बने रहते हैं।



