उन्नाव के दही चौकी औद्योगिक क्षेत्र में उस वक्त मातम पसर गया, जब एक संविदा लाइनमैन की ड्यूटी के दौरान दर्दनाक मौत हो गई। बिजली की चपेट में आने से जान गंवाने वाले कर्मचारी के परिजनों ने जिला अस्पताल में जमकर हंगामा किया और अधिकारियों पर लापरवाही के गंभीर आरोप लगाए हैं।
क्या है पूरा मामला?
मृतक की पहचान सदर कोतवाली के कृष्णानगर निवासी 30 वर्षीय अशोक कुमार मिश्रा के रूप में हुई है। वह बिजली विभाग में संविदा कर्मचारी के तौर पर तैनात थे। गुरुवार रात वे दही चौकी स्थित एक फैक्टरी में बिजली की समस्या ठीक करने गए थे, तभी अचानक करंट दौड़ गया और उनकी मौके पर ही मौत हो गई।
परिजनों का आरोप, सिस्टम की लापरवाही
परिजनों का कहना है कि जब अशोक लाइन पर काम कर रहे थे, तभी सब-स्टेशन से बिजली आपूर्ति शुरू कर दी गई। पीड़ित के भाई नवल मिश्रा का आरोप है कि बिना किसी सूचना के बिजली चालू करना एक बड़ी साजिश और घोर लापरवाही का परिणाम है। घटना के बाद जब स्थानीय लोग जिला अस्पताल पहुंचे, तो वहां बिजली विभाग का कोई भी जिम्मेदार अधिकारी मौजूद नहीं था, जिससे आक्रोश और बढ़ गया।
विधायक और पुलिस ने संभाला मोर्चा
हंगामा बढ़ने की सूचना पर सदर विधायक पंकज गुप्ता और कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची। विधायक ने पीड़ित परिवार को सांत्वना दी और निष्पक्ष जांच का भरोसा दिलाया। पुलिस के अनुसार, परिजनों की तहरीर के आधार पर दोषियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
मायने और प्रभाव
यह घटना बिजली विभाग में काम करने वाले संविदा कर्मचारियों की सुरक्षा को लेकर एक बड़ा सवाल खड़ा करती है। मायने और प्रभाव:
- सुरक्षा प्रोटोकॉल: क्या मेंटेनेंस के दौरान शटडाउन की प्रक्रिया का पालन नहीं किया गया? यह जांच का विषय है।
- अधिकारियों की जवाबदेही: संविदा कर्मियों के प्रति अधिकारियों की संवेदनहीनता अक्सर ऐसे हादसों के बाद सामने आती है।
- औद्योगिक सुरक्षा: उन्नाव जैसे औद्योगिक क्षेत्रों में सुरक्षा मानकों का पालन करना और भी जरूरी हो जाता है ताकि दोबारा ऐसी जान न जाए।



