आगरा के टेढ़ी बगिया चौराहे पर पहुंचना किसी जंग जीतने से कम नहीं है। सड़क के दोनों ओर फैला अतिक्रमण और बीच सड़क पर खड़े होने वाले अवैध ऑटो स्टैंड ने आम लोगों का जीना मुहाल कर दिया है। सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि यह सब कुछ स्थानीय पुलिस चौकी के ठीक सामने हो रहा है, लेकिन सिस्टम की खामोशी व्यवस्था पर बड़े सवाल खड़े कर रही है।
सड़क पर ऑटो का कब्जा, राहगीर परेशान
टेढ़ी बगिया चौराहा शहर का एक व्यस्त इलाका है, जहां से रोज हजारों लोग गुजरते हैं। सुबह हो या शाम, यहां शाहदरा और जलेसर मार्ग पर वाहनों की लंबी कतारें दिखना आम बात हो गई है। ऑटो चालकों ने चौराहे को ही अपना स्टैंड बना लिया है, जिससे सड़क की चौड़ाई सिमटकर रह गई है।
एंबुलेंस भी नहीं निकल पा रही
जाम की इस स्थिति में सबसे ज्यादा मुश्किल उन मरीजों को होती है जिन्हें अस्पताल ले जाया जा रहा होता है। एंबुलेंस चालक हों या स्कूल बसें, हर कोई इस अव्यवस्था का शिकार है। कई बार यहां ऐसी स्थिति बन जाती है कि पैदल चलना भी दुश्वार हो जाता है, लेकिन जिम्मेदार महकमे की तरफ से कोई ठोस कार्रवाई नजर नहीं आती।
मायने और प्रभाव: आम जनता पर असर
- सुरक्षा का संकट: सड़क पर अवैध पार्किंग के कारण आए दिन दुर्घटनाओं का खतरा बना रहता है।
- समय और ईंधन की बर्बादी: हर रोज जाम में घंटों फंसने से लोगों के कीमती समय और ईंधन का भारी नुकसान हो रहा है।
- प्रशासनिक लापरवाही: पुलिस चौकी के नाक के नीचे चल रहा यह अतिक्रमण प्रशासन की कार्यशैली पर सवाल उठाता है।
अतिक्रमण और अवैध स्टैंड पर लगाम न कसी गई, तो आने वाले दिनों में यह चौराहा शहर के लिए एक बड़ी चुनौती बन जाएगा। जनता अब प्रशासन से केवल आश्वासन नहीं, बल्कि सड़क पर उतरकर सख्त कार्रवाई की उम्मीद कर रही है ताकि ट्रैफिक का दबाव कम हो सके।




