आगरा के एसएन मेडिकल कॉलेज के डॉक्टरों ने एक बार फिर अपनी काबिलियत का लोहा मनवाया है। अस्पताल में भर्ती आठ साल की एक मासूम बच्ची के शरीर से करीब एक किलो वजनी गांठ को सफलतापूर्वक बाहर निकाला गया। यह गांठ बच्ची की कांख और सीने के बीच की जगह में फंसी थी, जिससे उसे सांस लेने और हाथ हिलाने में भारी तकलीफ हो रही थी।
तीन घंटे तक चली चुनौतीपूर्ण सर्जरी
बच्ची की स्थिति को देखते हुए सर्जनों की टीम ने तुरंत ऑपरेशन का फैसला लिया। करीब तीन घंटे तक चले इस जटिल ऑपरेशन में डॉक्टरों ने बेहद सावधानी बरतते हुए गांठ को पूरी तरह से अलग कर दिया। सर्जरी के बाद बच्ची अब पूरी तरह स्वस्थ है और उसे अस्पताल से छुट्टी भी दे दी गई है।
निजी अस्पतालों के भारी खर्च से मिली राहत
इस घटना की सबसे खास बात यह रही कि जहां निजी अस्पतालों में ऐसे ऑपरेशन के लिए लाखों रुपये का खर्च आता है, वहीं एसएन मेडिकल कॉलेज में यह प्रक्रिया पूरी तरह से निशुल्क संपन्न हुई। इसी दौरान, अस्पताल में एक 10 साल के बच्चे की किडनी से भी गांठ निकालने का सफल ऑपरेशन किया गया।
मायने और प्रभाव
यह मामला सरकारी चिकित्सा व्यवस्था की मजबूती को दर्शाता है। इसके मायने निम्न हैं:
- आम आदमी को बड़ी राहत: गरीब परिवारों के लिए ऐसे जटिल ऑपरेशन मुफ्त में होना किसी वरदान से कम नहीं है।
- डॉक्टरों की दक्षता: सरकारी मेडिकल कॉलेजों में मौजूद डॉक्टरों की विशेषज्ञता लगातार जटिल मामलों को सुलझा रही है।
- विश्वास की बहाली: बड़े निजी अस्पतालों के बजाय सरकारी मेडिकल कॉलेज पर जनता का भरोसा फिर से बढ़ रहा है।
ऐसे सफल ऑपरेशन यह साबित करते हैं कि यदि सही समय पर सही इलाज मिले, तो सरकारी मेडिकल कॉलेज किसी भी निजी अस्पताल से बेहतर परिणाम दे सकते हैं।




