अलीगढ़ की रामघाट रोड इन दिनों चर्चा का केंद्र बनी हुई है। उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री कल्याण सिंह के परिवार में होने वाले बड़े मांगलिक कार्यक्रमों के चलते इस सड़क की कायापलट की जा रही है। 14 नवंबर को कल्याण सिंह के नातियों—राज्य मंत्री संदीप सिंह और उनके भाई सौरभ सिंह—की सगाई का कार्यक्रम तय है, जिसके लिए प्रशासन और स्थानीय महकमा पूरी तरह मुस्तैद दिख रहा है।
वीआईपी मेहमानों के लिए युद्धस्तर पर काम
सगाई समारोह को लेकर शहर में उत्साह है। संदीप सिंह, जो राज्य सरकार में मंत्री हैं, और उनके परिवार के इस आयोजन में प्रदेश के तमाम बड़े नेताओं और वीआईपी मेहमानों के शामिल होने की उम्मीद है। इसी को देखते हुए तालानगरी मैदान पर विशाल पंडाल बनाने का काम तेजी से चल रहा है।
सड़क के किनारे की सफाई, मरम्मत और सौंदर्यीकरण का काम प्राथमिकता के आधार पर किया जा रहा है। रामघाट रोड पर अचानक बढ़ी इस हलचल से स्थानीय लोगों में यह चर्चा आम है कि वीआईपी मेहमानों की आवभगत के लिए सरकारी मशीनरी कितनी तत्पर है।

शादी की तारीख और कार्यक्रम
- सगाई की तारीख: 14 नवंबर, अलीगढ़।
- विवाह समारोह: 26 और 27 नवंबर, ताज होटल, नई दिल्ली।
मायने और प्रभाव: आम जनता का सवाल
इस पूरी कवायद को स्थानीय जनता एक अलग नजरिए से देख रही है। रामघाट रोड पर होने वाला यह काम विकास का हिस्सा है, लेकिन लोगों के मन में यह सवाल उठना लाजिमी है कि क्या ऐसी तत्परता आम दिनों में भी दिखाई जाती है? अक्सर गड्ढों और बदहाल ट्रैफिक से जूझने वाली शहर की सड़कों की सुध तभी ली जाती है जब किसी बड़े वीआईपी का काफिला वहां से गुजरने वाला होता है। यह घटनाक्रम सत्ता के गलियारों में वीआईपी कल्चर और आम आदमी की सुविधाओं के बीच के अंतर को साफ दर्शाता है।



