राम मंदिर ट्रस्ट पर संजय सिंह के तीखे सवाल
अयोध्या दौरे पर पहुंचे आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने भारतीय जनता पार्टी और श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय पर सीधा हमला बोला है। संजय सिंह ने सवाल उठाया कि राम मंदिर निर्माण के नाम पर हुई कथित धांधली के बाद अभी तक चंपत राय की गिरफ्तारी क्यों नहीं हुई है?
संजय सिंह ने आरोप लगाया कि राम मंदिर के इर्द-गिर्द जमीनों की खरीद-फरोख्त में बड़ा खेल हुआ है। उन्होंने दावा किया कि सत्ता के संरक्षण में नियमों को ताक पर रखकर बड़े स्तर पर भ्रष्टाचार को अंजाम दिया गया है, जो करोड़ों राम भक्तों की आस्था के साथ सीधा खिलवाड़ है।
‘भ्रष्टाचार का खुला खेल’
सांसद संजय सिंह ने कहा, ‘अयोध्या में राम मंदिर का निर्माण करोड़ों लोगों की श्रद्धा का प्रतीक है, लेकिन भाजपा ने इसे कमाई का जरिया बना दिया है। चंपत राय पर लगे आरोपों की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए थी, लेकिन कानून और एजेंसियां आज केवल विपक्ष को दबाने का काम कर रही हैं।’
उन्होंने आगे कहा कि जब भी मंदिर की जमीन से जुड़े घोटालों के दस्तावेज सामने आते हैं, तब सरकार चुप्पी साध लेती है। यह चुप रहना ही इस बात का प्रमाण है कि दाल में कुछ काला नहीं, बल्कि पूरी दाल ही काली है।
मायने और प्रभाव
संजय सिंह का यह बयान ऐसे समय पर आया है जब उत्तर प्रदेश की सियासत में राम मंदिर का मुद्दा हमेशा केंद्र में रहता है। इसके गहरे राजनीतिक मायने हैं:
- जनमानस पर असर: राम मंदिर के नाम पर हुए कथित घोटालों के मुद्दे को उठाकर आप इसे सीधे तौर पर आस्था से जोड़कर जनता के बीच ले जाना चाहती है।
- कानूनी शिकंजा: चंपत राय की गिरफ्तारी की मांग करके संजय सिंह एक बार फिर सरकारी एजेंसियों की भूमिका पर सवाल उठा रहे हैं, जो आने वाले दिनों में और तेज हो सकता है।
- राजनीतिक ध्रुवीकरण: अयोध्या की पावन भूमि पर इस तरह के तीखे आरोप-प्रत्यारोप राज्य की राजनीति में आगामी चुनाव के लिए नई बहस छेड़ सकते हैं।
आम जनता के लिए यह मुद्दा केवल एक आरोप नहीं, बल्कि यह जानने का विषय है कि उनकी श्रद्धा के साथ जुड़े धन का सही उपयोग हो रहा है या नहीं। आने वाले समय में देखना होगा कि भाजपा इस पर अपना क्या आधिकारिक पक्ष रखती है।





