अगर आप घर से बाहर निकलने की योजना बना रहे हैं, तो जरा संभल जाइए। उत्तर प्रदेश और आसपास के मैदानी इलाकों में मौसम का मिजाज फिर से बदलने वाला है। अगले 48 घंटों तक आसमान में बादलों का डेरा रहेगा, जिससे उमस और गर्मी से कुछ राहत तो मिलेगी, लेकिन बारिश की संभावनाओं ने नई चर्चा छेड़ दी है।
मौसम विभाग का ताजा अपडेट
मौसम विभाग के अनुसार, मानसूनी ट्रफ रेखा अब हिमालय की तलहटी की ओर शिफ्ट हो गई है। इसका सीधा असर मैदानी इलाकों पर पड़ रहा है। हिमालय की तरफ नमी वाली हवाओं के बढ़ने से मैदानी क्षेत्रों में शुष्क हवाओं का प्रभाव कम हो गया है।
इसी वजह से अगले दो दिनों तक आसमान में आंशिक रूप से बादल छाए रहेंगे। कई इलाकों में हल्की बूंदाबांदी के आसार जताए गए हैं, जो तपती गर्मी से जूझ रहे लोगों के लिए राहत लेकर आ सकती है।

किन क्षेत्रों पर रहेगा असर?
- गंगा के मैदानी इलाकों में बादल छाए रहने की प्रबल संभावना है।
- पहाड़ों से सटकर बसे जिलों में हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है।
- तापमान में 2 से 3 डिग्री की गिरावट दर्ज की जा सकती है।
मायने और प्रभाव: आम जनता पर क्या होगा असर?
मौसम में यह बदलाव न केवल गर्मी से राहत देगा, बल्कि खेती-किसानी के लिहाज से भी अहम है। अगर आप कानपुर या आसपास के मैदानी जिलों में रहते हैं, तो अचानक होने वाली इस बूंदाबांदी के लिए तैयार रहें।
सावधानी: आसमान में बादलों की आवाजाही के बीच बिजली कड़कने की घटनाएं भी हो सकती हैं। मौसम विभाग ने सलाह दी है कि खराब मौसम के दौरान पेड़ों के नीचे शरण लेने से बचें और सुरक्षित स्थानों पर रहें। यह बदलाव मानसूनी सिस्टम की सक्रियता को दर्शाता है, जो आने वाले हफ्तों में बारिश के पैटर्न को पूरी तरह बदल सकता है।



