करवा चौथ 2026: कब दिखेगा चांद?
करवा चौथ का व्रत उत्तर प्रदेश की सुहागिन महिलाओं के लिए साल का सबसे बड़ा और महत्वपूर्ण त्यौहार है। दिन भर की कड़ी तपस्या और निर्जला उपवास के बाद, हर किसी की निगाहें बस आसमान की ओर टिकी होती हैं। करवा चौथ 2026 के मौके पर यूपी के प्रमुख शहरों में चांद के दीदार का समय तय हो चुका है, जिससे व्रती महिलाओं को अपना व्रत खोलने में सहूलियत होगी।
उत्तर प्रदेश के प्रमुख शहरों में चंद्रोदय का समय
आसमान में बादलों की स्थिति और भौगोलिक परिस्थितियों के आधार पर चांद निकलने के समय में मामूली अंतर हो सकता है। यहाँ प्रमुख शहरों के संभावित समय दिए गए हैं:
- लखनऊ: रात 8:15 बजे
- नोएडा/गाजियाबाद: रात 8:25 बजे
- वाराणसी: रात 8:05 बजे
- आगरा: रात 8:20 बजे
- अयोध्या: रात 8:08 बजे
- इटावा: रात 8:17 बजे
यह समय गणना के आधार पर है, हालांकि स्थानीय मौसम और क्षितिज की स्पष्टता के अनुसार इसमें 5-10 मिनट का अंतर संभव है।
मायने और प्रभाव: क्या है इसका महत्व?
करवा चौथ केवल एक परंपरा नहीं है, बल्कि यह आपसी प्रेम और अटूट विश्वास का प्रतीक है। इस व्रत का सामाजिक और मानसिक महत्व बहुत गहरा है। आज के व्यस्त दौर में, जब परिवार बिखर रहे हैं, करवा चौथ जैसे व्रत लोगों को एक साथ जोड़ते हैं।
व्रती महिलाओं के लिए यह समय का अनुशासन और धैर्य की परीक्षा भी है। चंद्र दर्शन के साथ ही न केवल उपवास का समापन होता है, बल्कि घर-परिवार में खुशहाली और लंबी आयु की कामना भी पूरी होती है। यदि आप भी व्रत रख रही हैं, तो अपने शहर के निर्धारित समय से 10 मिनट पहले ही पूजा की थाली तैयार रखें ताकि शुभ मुहूर्त में अर्घ्य दिया जा सके।





