अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी (AMU) की लाइब्रेरी और कैंपस की सुरक्षा व्यवस्था पर एक बार फिर बड़े सवाल खड़े हो गए हैं। हाल ही में हुई एक घटना में एक पीएचडी छात्र का लैपटॉप, मोबाइल और महत्वपूर्ण रिसर्च दस्तावेज चोरी हो गए, जिससे छात्र के करियर पर संकट के बादल छा गए हैं।
क्या है पूरा मामला?
पीएचडी शोधकर्ता जब अपनी पढ़ाई में व्यस्त था, तभी शातिर चोर ने मौका पाकर उसके बैग पर हाथ साफ कर दिया। छात्र को जब होश आया, तो उसका मोबाइल गायब था और कुर्सी पर रखा बैग भी वहां से नदारद मिला।
बैग में लैपटॉप के साथ-साथ आधार कार्ड, एटीएम कार्ड, पैन कार्ड और विश्वविद्यालय का आईडी कार्ड भी था। सबसे बड़ा नुकसान छात्र के सालों की मेहनत और उसके रिसर्च पेपर्स का है, जो लैपटॉप में सुरक्षित थे।
सीसीटीवी में कैद हुआ संदिग्ध
घटना की जानकारी मिलते ही सुरक्षाकर्मियों ने लाइब्रेरी के सीसीटीवी फुटेज खंगाले। फुटेज में एक संदिग्ध व्यक्ति बैग लेकर निकलते हुए साफ देखा जा सकता है। पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए प्राथमिकी दर्ज कर ली है और आरोपी की तलाश जारी है।
छात्रों में असुरक्षा का माहौल
विश्वविद्यालय के अन्य शोधार्थियों का कहना है कि कैंपस के भीतर इस तरह की चोरियां छात्रों का मनोबल तोड़ती हैं। रिसर्च से जुड़े छात्र अपना सारा डेटा लैपटॉप में रखते हैं, ऐसे में इसकी चोरी से उनकी पूरी मेहनत पानी में मिल जाती है।
मायने और प्रभाव
इस घटना के बाद एएमयू प्रशासन को अपनी सुरक्षा व्यवस्था को लेकर फिर से सोचना होगा।
- सीख: अपनी कीमती चीजों को सार्वजनिक स्थानों पर लावारिस न छोड़ें।
- असर: छात्रों के बीच अपने महत्वपूर्ण डेटा का बैकअप रखने के प्रति जागरूकता बढ़ी है।
- प्रशासन पर दबाव: क्या कैंपस के भीतर संदिग्ध लोगों की एंट्री पर रोक लगाने के लिए और सख्त नियम लागू किए जाएंगे?



