"रोज नई ऊर्जा, नई सोच के साथ"

ताजा खबर पडरौना कुशीनगर उत्तर प्रदेश राजनीति क्रिकेट स्पोर्ट्स देश विदेश मौसम बॉलीवुड जॉब - एजुकेशन बिजनेस लाइफस्टाइल राशिफल आध्यात्मिक अन्य

सिटी इंस्टीट्यूट

ऑफ पैरामेडिकल कॉलेज

ADMISSION OPEN
DMLT | DPT | ऑपरेशन थियेटर टेक्निशियन
एवं अन्य पैरामेडिकल कोर्स
9984858492

लखनऊ कांग्रेस दफ्तर में बवाल: अजय राय और ममता चौधरी के बीच ऐसा क्या हुआ कि चल गए जूते-चप्पल?

लखनऊ कांग्रेस मुख्यालय बना अखाड़ा

उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ स्थित कांग्रेस कार्यालय में उस समय हड़कंप मच गया जब पार्टी के वरिष्ठ नेताओं और कार्यकर्ताओं के बीच जमकर जूते-चप्पल चले। अनुशासन और मर्यादा की बातें करने वाली पार्टी का दफ्तर इस बार गाली-गलौज और धक्का-मुक्की का गवाह बना। इस पूरे बवाल के केंद्र में यूपी कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय और पार्टी की महिला नेत्री ममता चौधरी का नाम सामने आ रहा है।

कौन हैं ममता चौधरी और विवाद की जड़ क्या है?

ममता चौधरी यूपी कांग्रेस का जाना-माना चेहरा रही हैं। विवाद की शुरुआत तब हुई जब एक कार्यक्रम के दौरान ममता चौधरी ने अजय राय को लेकर कोई टिप्पणी की, जिसके बाद अजय राय का पारा सातवें आसमान पर पहुंच गया। वीडियो में साफ दिख रहा है कि अजय राय ने तैश में आकर ममता चौधरी से ‘औकात में रहने’ की बात कही।

देखते ही देखते कार्यकर्ताओं के दो गुट आपस में भिड़ गए। स्थिति इतनी बिगड़ गई कि लोग एक-दूसरे पर जूते फेंकने लगे। पार्टी दफ्तर में मौजूद अन्य नेता मूकदर्शक बने रहे, जबकि इमरान मसूद जैसे वरिष्ठ नेता शांत कराने की कोशिश करते नजर आए।

क्यों मचा है यह घमासान?

  • गुटबाजी का असर: यूपी कांग्रेस में लंबे समय से आंतरिक गुटबाजी की खबरें आती रही हैं।
  • नेतृत्व पर सवाल: अजय राय के तौर-तरीकों को लेकर पार्टी के भीतर ही एक वर्ग में नाराजगी है।
  • पदों का वितरण: हालिया नियुक्तियों और जिम्मेदारियों को लेकर कार्यकर्ताओं में असंतोष पनप रहा था, जो अब सड़क पर आ गया है।

मायने और प्रभाव: आम जनता के लिए क्या है मतलब?

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इस तरह की घटनाएं किसी भी बड़ी पार्टी की छवि पर सीधा असर डालती हैं। जब एक राजनीतिक दल अपने आंतरिक मामलों को सुलझाने में नाकाम रहता है, तो आम जनता का भरोसा डगमगाने लगता है। चुनाव से पहले इस तरह की अनुशासनहीनता कांग्रेस के लिए उत्तर प्रदेश में पहले से ही चुनौतियों से जूझ रही राह को और कठिन बना सकती है। यह घटना दर्शाती है कि पार्टी में जमीनी स्तर पर संवाद की कितनी कमी हो गई है।

Join WhatsApp

Join Now

Join Telegram

Join Now

Leave a Comment