कानपुर के चकेरी इलाके में एक स्क्रैप गोदाम को निशाना बनाकर 12 लाख रुपये की नगदी उड़ाने वाले गिरोह का पर्दाफाश हो गया है। पुलिस ने इस मामले में एक बाल अपचारी को हिरासत में लिया है, जिसके पास से चोरी के पैसों से खरीदा गया नया आईफोन और कुछ नकदी बरामद की गई है। इस घटना ने औद्योगिक नगरी कानपुर में सुरक्षा व्यवस्था पर फिर से सवाल खड़े कर दिए हैं।
घटना का पूरा विवरण
यह मामला चकेरी के भवानी नगर का है, जहां विपिन दीक्षित का स्क्रैप गोदाम स्थित है। कुछ दिन पहले बदमाशों ने गोदाम को अपना निशाना बनाते हुए 12 लाख रुपये की बड़ी रकम पार कर दी थी। पुलिस की शुरुआती जांच में ही यह स्पष्ट हो गया था कि चोरी की यह वारदात किसी पेशेवर गिरोह द्वारा अंजाम दी गई है।
कैसे जाल में फंसे आरोपी?
- पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए फौरन मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की थी।
- बीते एक अक्टूबर को मुख्य आरोपी संजय सरोज को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया।
- पूछताछ में संजय ने अपने साथियों—अंशु पासी, विशाल और राज का नाम उगला।
- गुरुवार को पुलिस को मिली गुप्त सूचना के आधार पर श्याम नगर के डी-ब्लॉक से एक नाबालिग को दबोच लिया गया।
कार्यवाहक थाना प्रभारी जावेद अहमद के अनुसार, हिरासत में लिए गए बाल अपचारी के पास से चोरी के रुपयों से खरीदा गया महंगा आईफोन और 3200 रुपये बरामद किए गए हैं। पुलिस की टीमें अब फरार अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए अलग-अलग ठिकानों पर दबिश दे रही हैं।
मायने और प्रभाव
इस घटना का सबसे चिंताजनक पहलू अपराध की दुनिया में कम उम्र के युवाओं का बढ़ता दखल है। जब किशोर उम्र के लड़के 12 लाख रुपये जैसी बड़ी चोरी में शामिल पाए जाते हैं, तो यह समाज के लिए एक बड़ा संकेत है कि युवाओं की ऊर्जा किस दिशा में भटक रही है। स्थानीय व्यापारियों को अब अपने प्रतिष्ठानों की सुरक्षा के लिए सीसीटीवी कैमरों और निजी सुरक्षा गार्डों पर पहले से कहीं अधिक निर्भर होना पड़ेगा। कानपुर पुलिस का यह एक्शन उन अपराधियों के लिए एक चेतावनी है, जो शहर में शांति व्यवस्था को चुनौती देने की कोशिश कर रहे हैं।

