"रोज नई ऊर्जा, नई सोच के साथ"

ताजा खबर पडरौना कुशीनगर उत्तर प्रदेश राजनीति क्रिकेट स्पोर्ट्स देश विदेश मौसम बॉलीवुड जॉब - एजुकेशन बिजनेस लाइफस्टाइल राशिफल आध्यात्मिक अन्य

सिटी इंस्टीट्यूट

ऑफ पैरामेडिकल कॉलेज

ADMISSION OPEN
DMLT | DPT | ऑपरेशन थियेटर टेक्निशियन
एवं अन्य पैरामेडिकल कोर्स
9984858492

यूपी: दारुल उलूम देवबंद के नाम से चल रहे सोशल मीडिया अकाउंट और चैनल फर्जी, मोहतमिम ने दी सख्त चेतावनी

क्या आप भी सोशल मीडिया पर दारुल उलूम देवबंद के नाम से चल रहे किसी पेज या चैनल की जानकारी पर आंख मूंदकर भरोसा करते हैं? अगर हां, तो सावधान हो जाइए। उत्तर प्रदेश के सहारनपुर स्थित विश्व प्रसिद्ध इस्लामिक शिक्षण संस्थान ‘दारुल उलूम देवबंद’ ने अपने नाम से चल रहे दर्जनों फर्जी सोशल मीडिया अकाउंट्स को लेकर गंभीर अलर्ट जारी किया है।

क्या है पूरा मामला?

सोशल मीडिया के दौर में किसी भी संस्था के नाम का गलत इस्तेमाल करना एक बड़ी चुनौती बन गया है। फेसबुक, इंस्टाग्राम, व्हाट्सएप और यूट्यूब पर दारुल उलूम देवबंद के नाम से बड़ी संख्या में अकाउंट्स और पेज एक्टिव हैं। इनमें से ज्यादातर अकाउंट्स संस्थान की अनुमति के बिना चलाए जा रहे हैं और भ्रामक जानकारी फैला रहे हैं।

संस्थान के मोहतमिम (कुलपति) मौलाना मुफ्ती अबुल कासिम नोमानी ने इस मामले पर स्थिति स्पष्ट की है। उन्होंने साफ तौर पर कहा है कि इन सोशल मीडिया पेजों से संस्थान का कोई लेना-देना नहीं है।

संस्थान की आधिकारिक पहचान

मोहतमिम ने स्पष्ट किया है कि दारुल उलूम देवबंद की केवल दो आधिकारिक वेबसाइटें हैं:

  • darululoom-deoband.com
  • darululoom-deoband.com/urdu/

उन्होंने साफ कहा कि इनके अलावा इंटरनेट पर उपलब्ध कोई भी पेज, ग्रुप या चैनल जो खुद को दारुल उलूम का आधिकारिक बता रहा है, वह पूरी तरह से फर्जी है। जनता को सलाह दी गई है कि किसी भी प्रकार की आधिकारिक सूचना के लिए केवल इन्हीं वेबसाइटों का उपयोग करें।

मायने और प्रभाव

इस घटना के गहरे सामाजिक और सुरक्षात्मक मायने हैं। दारुल उलूम देवबंद एक ऐसी संस्था है जिसका प्रभाव देश-विदेश में फैला है। गलत हाथों में संस्थान के नाम का इस्तेमाल न केवल भ्रामक खबरें फैलाने का काम करता है, बल्कि यह सांप्रदायिक सौहार्द बिगाड़ने की साजिश भी हो सकता है।

आम जनता के लिए यह जरूरी है कि वे किसी भी अनवेरिफाइड सोशल मीडिया पोस्ट को फॉरवर्ड करने से पहले उसकी सत्यता की जांच करें। डिजिटल दौर में ‘फेक न्यूज’ से बचने का एकमात्र तरीका सावधानी और आधिकारिक स्रोतों पर भरोसा करना ही है।

Join WhatsApp

Join Now

Join Telegram

Join Now

Leave a Comment