मेरठ की धरती से योगी का हुंकार
मेरठ की सुभारती यूनिवर्सिटी में आयोजित भाजपा के शक्ति केंद्र संयोजक सम्मेलन में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बेहद आक्रामक तेवर अपनाए। उन्होंने सीधे शब्दों में विपक्ष पर हमला करते हुए कहा कि ‘बाबर के अनुयायियों’ को अब बजरंगी के भक्त करारा जवाब देंगे। सीएम का यह बयान उत्तर प्रदेश की राजनीति में नई गर्माहट पैदा कर रहा है।
राम से बैर और विकास का मुद्दा
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में आरोप लगाया कि विपक्ष का भगवान राम से गहरा बैर है। उन्होंने कहा कि जो लोग सांस्कृतिक राष्ट्रवाद को नहीं समझ रहे, वे आज भी उन्हीं ताकतों का समर्थन कर रहे हैं जो कभी देश की विरासत को मिटाना चाहती थीं। मंच पर उनके साथ भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन भी मौजूद थे, जिन्होंने संगठन की मजबूती पर जोर दिया।
मायने और प्रभाव: आम जनता के लिए क्या है खास?
इस बयान के गहरे राजनीतिक मायने हैं। मुख्यमंत्री का यह सीधा कटाक्ष आने वाले समय में होने वाले राजनीतिक ध्रुवीकरण को और स्पष्ट करता है।
- राजनीतिक संदेश: सीएम योगी ने साफ कर दिया है कि भाजपा चुनाव से पहले हिंदुत्व और राष्ट्रवाद के मुद्दे को मुख्यधारा में रखने के लिए पूरी तरह तैयार है।
- कार्यकर्ताओं में जोश: सम्मेलन में ‘बजरंगी भक्तों’ का जिक्र करके उन्होंने अपने जमीनी कार्यकर्ताओं को एक नया नैरेटिव दिया है, ताकि वे जनता के बीच पूरी मजबूती से अपनी बात रख सकें।
- विपक्ष के लिए चुनौती: इस तरह की तीखी बयानबाजी से विपक्ष को अब धर्म और विकास के बीच संतुलन बिठाने की बड़ी चुनौती का सामना करना पड़ेगा।
कुल मिलाकर, मेरठ का यह मंच भाजपा की चुनावी रणनीति की नई इबारत लिख रहा है, जिसका सीधा असर आने वाले सियासी समीकरणों पर पड़ना तय है।





