कानपुर के गंगा बैराज हाईवे पर एक ऐसा हादसा हुआ जिसने हर किसी का कलेजा दहला दिया। देर रात अंधेरे में सड़क किनारे खड़े एक डंपर ने एक परिवार की खुशियां छीन लीं। हाईवे पर रफ़्तार में दौड़ रहा ई-रिक्शा जैसे ही डंपर से टकराया, चालक की गर्दन गहरे घाव की वजह से कट गई और उसने मौके पर ही दम तोड़ दिया।
अंधेरे का फायदा उठा रहे मौत के सौदागर
पीड़ित परिवार का आरोप है कि घटना के वक्त हाईवे पर घुप अंधेरा था। स्ट्रीट लाइटें बंद होने की वजह से सड़क किनारे खड़े बेतरतीब डंपर दिखाई नहीं दिए। ई-रिक्शा चालक अपनी पत्नी और मासूम बच्चे के साथ घर लौट रहा था, तभी यह भीषण हादसा हो गया।
घायल पत्नी और बच्चे का अस्पताल में इलाज
हादसे में ई-रिक्शा सवार महिला और उसका बच्चा गंभीर रूप से घायल हो गए हैं। इलाज के दौरान सामने आया है कि महिला को 10 और बच्चे को 7 से अधिक टांके आए हैं। डॉक्टरों के अनुसार, दोनों अभी भी गहरे सदमे में हैं और उनका इलाज चल रहा है।
मायने और प्रभाव: सड़क सुरक्षा पर गंभीर सवाल
- लापरवाही की कीमत: हाईवे पर बिना किसी चेतावनी संकेत के भारी वाहनों को खड़ा करना अब आम बात हो गई है, जो सीधे तौर पर मौत को बुलावा है।
- प्रशासनिक विफलता: हाईवे पर लाइटों का न जलना स्थानीय प्रशासन की कार्यशैली पर बड़े सवाल खड़े करता है।
- जनता का दर्द: एक ई-रिक्शा चालक का परिवार अब दाने-दाने को मोहताज हो गया है, प्रशासन से उचित मुआवजे की मांग उठ रही है।
यह घटना चेतावनी है कि अगर समय रहते हाईवे पर खड़ी होने वाली अवैध गाड़ियों और खराब स्ट्रीट लाइट्स पर लगाम नहीं लगाई गई, तो ऐसी दुर्घटनाएं लगातार होती रहेंगी। सड़क सुरक्षा के नियमों का उल्लंघन आज एक परिवार के खात्मे की वजह बन गया।



