कानपुर के पॉश इलाके कहे जाने वाले मोतीझील चौराहे पर सरेराह गुंडागर्दी का एक ऐसा वीडियो सामने आया है, जिसने सुरक्षा व्यवस्था के दावों की धज्जियां उड़ा दी हैं। भरी दोपहरी में बीच सड़क पर दबंगों ने एक युवक को बेरहमी से पीटा, जबकि पास में ही पुलिस थाना मौजूद होने के बावजूद कोई सुध लेने वाला नहीं था।
सरेराह मारपीट और मूकदर्शक बनी जनता
वायरल वीडियो में साफ दिख रहा है कि चार से पांच युवक मिलकर एक अकेले युवक को जमीन पर गिराकर मार रहे हैं। दबंग युवक के बाल खींचकर उसे घसीट रहे थे और लात-घूंसों की बौछार कर रहे थे। इस दौरान सड़क पर जाम लग गया और गाड़ियों का तांता लग गया, लेकिन किसी की हिम्मत नहीं हुई कि वह बीच-बचाव कर सके।
थाने से चंद कदम की दूरी पर अपराध
हैरानी की बात यह है कि यह पूरी घटना पुलिस थाने से महज चंद कदम की दूरी पर हुई। जिस मोतीझील चौराहे पर हमेशा हलचल रहती है और पुलिस की तैनाती की उम्मीद की जाती है, वहां इन दबंगों का डर रत्ती भर भी नहीं दिखा। पुलिस की गैर-मौजूदगी ने यह सवाल खड़ा कर दिया है कि आखिर शहर में कानून का खौफ कहां गया है?

मायने और प्रभाव
- सुरक्षा पर सवाल: शहर के प्रमुख चौराहों पर इस तरह की सरेआम हिंसा आम नागरिकों, विशेषकर महिलाओं और बुजुर्गों के मन में डर पैदा करती है।
- पुलिस की कार्यशैली: घटना स्थल के पास थाना होने के बावजूद पुलिस का वहां मौजूद न होना विभाग की गश्त व्यवस्था पर बड़े सवालिया निशान लगाता है।
- कानून का डर खत्म: जिस तरह से बेखौफ होकर अपराधी सड़क पर मारपीट कर रहे थे, उससे यह साफ जाहिर होता है कि अब बदमाशों में पुलिस का खौफ पूरी तरह खत्म हो चुका है।
स्थानीय लोग अब इस घटना के बाद आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी और कड़ी कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। कानपुर पुलिस प्रशासन इस मामले में क्या कदम उठाता है, इस पर सभी की निगाहें टिकी हैं।



