क्या आप भी अपने बच्चे का आधार कार्ड बनवाने के लिए सरकारी दफ्तरों के चक्कर काट-काटकर थक चुके हैं? अगर हाँ, तो आपके लिए राहत भरी खबर है। उत्तर प्रदेश में आधार कार्ड बनवाने की प्रक्रिया को अब पहले से कहीं अधिक सरल और सुलभ बना दिया गया है। सरकार ने एक बड़ा बदलाव करते हुए अब माता-पिता को यह अधिकार दे दिया है कि वे अपने बच्चे का आधार कार्ड खुद बनवा सकें।
अब नहीं लगाने होंगे आधार सेंटर के चक्कर
आधार कार्ड आज के समय में बच्चे के स्कूल एडमिशन से लेकर सरकारी योजनाओं का लाभ लेने तक के लिए अनिवार्य दस्तावेज बन चुका है। अब तक अभिभावकों को अपने बच्चों का एनरोलमेंट कराने के लिए आधार केंद्रों पर लंबी लाइनों में खड़ा होना पड़ता था। इस नई व्यवस्था के तहत, माता-पिता अब घर बैठे या ऑनलाइन सुविधाओं का उपयोग करके अपने बच्चे के आधार पंजीकरण की प्रक्रिया शुरू कर सकेंगे।
कैसे करें आवेदन?
प्रक्रिया को आसान बनाने के लिए आधिकारिक वेबसाइट और यूआईडीएआई (UIDAI) के पोर्टल में कई महत्वपूर्ण बदलाव किए गए हैं। माता-पिता को अब केवल अपने बच्चे के जन्म प्रमाण पत्र और अपनी आधार डिटेल्स को सही तरीके से पोर्टल पर अपडेट करना होगा।
- आधिकारिक पोर्टल: UIDAI की वेबसाइट पर ‘My Aadhaar’ सेक्शन में जाएं।
- अपॉइंटमेंट: आप नजदीकी आधार केंद्र के लिए ऑनलाइन अपॉइंटमेंट बुक कर सकते हैं, जिससे लंबी कतारों से बचा जा सकेगा।
- जरूरी दस्तावेज: जन्म प्रमाण पत्र और माता-पिता का आधार कार्ड साथ रखना अनिवार्य है।
- वेरिफिकेशन: घर पर ही जानकारी भरकर सबमिट करने के बाद, आपको तय समय पर सेंटर जाकर बायोमेट्रिक अपडेट पूरा करना होगा।
मायने और प्रभाव: आम जनता के लिए क्यों जरूरी है यह बदलाव?
इस बदलाव का सबसे बड़ा असर उत्तर प्रदेश के मध्यमवर्गीय और कामकाजी परिवारों पर पड़ेगा। अब तक एक बच्चे का आधार बनवाने के लिए पूरा दिन खराब हो जाता था। इस नई पहल से न केवल समय की बचत होगी, बल्कि आधार केंद्रों पर होने वाली अफरा-तफरी भी कम होगी। सरकार का मुख्य उद्देश्य ‘डिजिटल इंडिया’ की दिशा में कदम बढ़ाते हुए सरकारी सेवाओं को नागरिक के द्वार तक पहुंचाना है। यह बदलाव उन माता-पिता के लिए विशेष रूप से मददगार है जो दफ्तरों में घंटों इंतजार करने में असमर्थ थे। अब आप बिना तनाव के अपने बच्चे के भविष्य के इस महत्वपूर्ण दस्तावेज को चुटकियों में बनवा सकते हैं।



