लखीमपुर खीरी के धौरहरा इलाके में इन दिनों खौफ का साया गहरा गया है। बाजार से घर लौट रही एक महिला के अचानक लापता हो जाने और मौके पर मिले भयावह निशानों ने पूरे इलाके को हिलाकर रख दिया है। ग्रामीणों का साफ तौर पर कहना है कि महिला किसी और ने नहीं, बल्कि खूंखार मगरमच्छ ने अपना शिकार बनाया है।
नाले के पास मिले खौफनाक सुराग
पीड़ित महिला का परिवार उस समय बदहवास हो गया जब खोजबीन के दौरान बुढ़िया नाले के पास स्थित खेत में उनका थैला, फटे हुए कपड़े और मांस का एक टुकड़ा मिला। यह मंजर देखकर ग्रामीणों की रूह कांप गई। नाले के आसपास के रास्तों का इस्तेमाल करने वाले स्थानीय लोगों का कहना है कि जलस्तर बढ़ने के साथ ही मगरमच्छों का बसेरा रिहायशी इलाकों के करीब आ गया है।
प्रशासन और वन विभाग की चुप्पी पर सवाल
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची, लेकिन अब तक महिला का कोई सुराग नहीं मिल सका है। स्थानीय निवासियों का आरोप है कि वन विभाग की लापरवाही के कारण नाले में मगरमच्छों की संख्या लगातार बढ़ रही है और प्रशासन सुरक्षा के कोई पुख्ता इंतजाम नहीं कर रहा है।
- इलाका: धौरहरा, लखीमपुर खीरी
- घटनास्थल: बुढ़िया नाला
- खतरा: मगरमच्छों का बढ़ता आतंक
मायने और प्रभाव: आम जनता के लिए चेतावनी
यह घटना सिर्फ एक दुर्घटना नहीं, बल्कि वन्यजीव और मानव के बढ़ते संघर्ष का एक दर्दनाक नतीजा है। लखीमपुर के तराई इलाकों में जलस्रोतों के पास रहना पहले ही चुनौतीपूर्ण था, लेकिन अब यह जानलेवा हो चुका है।
क्यों है यह चिंताजनक:
लगातार बारिश और नाले का जलस्तर बढ़ने से मगरमच्छ अक्सर रिहायशी इलाकों में आ जाते हैं। यदि प्रशासन ने समय रहते इन रास्तों पर चेतावनी बोर्ड नहीं लगाए या जालीदार सुरक्षा घेरे का निर्माण नहीं किया, तो ऐसी त्रासदियां और भी बढ़ सकती हैं। स्थानीय लोगों को अब पानी के करीब जाने से पहले अत्यधिक सतर्क रहने की आवश्यकता है।



