मासूम की खिलखिलाहट खो गई गहरे पानी में
बांदा जिले के कमासिन थाना क्षेत्र में एक ऐसा दर्दनाक हादसा हुआ जिसने पूरे गांव को झकझोर कर रख दिया है। पछौंहा गांव में तालाब में नहाने उतरी 9 साल की एक मासूम बच्ची की गहरे पानी में डूबने से मौत हो गई। घर की दहलीज पर खेलती-कूदती बच्ची की मौत ने परिवार को बेसहारा कर दिया है।
खेल-खेल में काल का ग्रास बनी रागिनी
घटना शनिवार दोपहर की है, जब मृतक रागिनी अपनी उम्र के अन्य बच्चों के साथ गांव के ही पास स्थित तालाब में नहाने गई थी। खेलते-खेलते वह अनजाने में गहरे पानी में चली गई और बाहर नहीं निकल सकी। पास ही नहा रहे एक बच्चे ‘बउवा’ ने जब उसे डूबते देखा, तो तुरंत शोर मचाकर गांव वालों और परिजनों को सूचना दी।
अस्पताल पहुंचते ही दम तोड़ा
खबर मिलते ही मां अंजू देवी और अन्य ग्रामीण मौके पर पहुंचे और आनन-फानन में बच्ची को तालाब से बाहर निकाला। परिजन उसे तुरंत नजदीकी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) ले गए, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। रागिनी की मौत के बाद गांव में मातम पसरा हुआ है।
दुखों का पहाड़ और पोस्टमार्टम की प्रक्रिया
रागिनी अपने चार भाई-बहनों में सबसे छोटी थी। विडंबना यह है कि उसके सिर से पिता का साया पहले ही उठ चुका था और अब मां के लिए अपनी बेटी को खोना जीवन का सबसे बड़ा दुख बन गया है। कमासिन थाना इंस्पेक्टर संतोष कुमार ओझा ने बताया कि शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है और मामले की कानूनी कार्यवाही की जा रही है।
मायने और प्रभाव
यह हादसा ग्रामीण इलाकों में तालाबों की सुरक्षा को लेकर एक बड़ा सवाल खड़ा करता है। मानसून या गर्मी के दौरान अक्सर बच्चे तालाबों की ओर रुख करते हैं, जहां गहराई का अंदाजा लगाना उनके लिए नामुमकिन होता है। प्रशासन और स्थानीय पंचायतों को चाहिए कि ऐसे खतरनाक जलस्रोतों के पास चेतावनी बोर्ड लगाएं या उनकी घेराबंदी सुनिश्चित करें। अभिभावकों के लिए भी यह एक सबक है कि बच्चों को पानी के पास अकेला न छोड़ें, क्योंकि एक छोटी सी लापरवाही बड़े हादसे का कारण बन सकती है।


