बरेली अब अपनी एक नई सांस्कृतिक और धार्मिक पहचान की ओर कदम बढ़ा रहा है। ‘नाथ कॉरिडोर’ परियोजना के तहत शहर के मशहूर त्रिशूल तिराहे का कायाकल्प होने जा रहा है, जिसे अब ‘त्रिलोकी चौक’ के नाम से जाना जाएगा। बरेली विकास प्राधिकरण (BDA) की इस योजना ने शहर के सौंदर्यीकरण और आस्था के प्रतीकों को एक साथ जोड़ दिया है।
त्रिलोकी चौक: आस्था और आधुनिकता का संगम
बरेली के इस ऐतिहासिक तिराहे को केवल एक चौराहे के रूप में नहीं, बल्कि एक दर्शनीय स्थल के तौर पर विकसित किया जा रहा है। अधिकारियों के मुताबिक, इस त्रिकोणीय आइलैंड पर कमल का फूल उकेरा जाएगा, जो शुद्धता और भक्ति का प्रतीक माना जाता है।
पूरे चौक को ‘शक्ति’ के थीम पर तैयार किया जा रहा है। यह स्थान न केवल यातायात को व्यवस्थित करेगा, बल्कि यहाँ से गुजरने वाले श्रद्धालुओं और नागरिकों को एक सकारात्मक ऊर्जा का अनुभव भी कराएगा।
नाथ कॉरिडोर से बदलेगी बरेली की तस्वीर
नाथ कॉरिडोर के अंतर्गत शहर के कई प्रमुख स्थलों का सौंदर्यीकरण किया जा रहा है। इसी कड़ी में त्रिलोकी चौक का निर्माण एक बड़े बदलाव की शुरुआत है:
- धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा: कॉरिडोर बनने से बरेली में श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ेगी।
- आकर्षक डिजाइन: त्रिकोणीय आइलैंड पर कमल की आकृति इसे शहर का लैंडमार्क बनाएगी।
- सांस्कृतिक पहचान: ‘त्रिलोकी’ नाम भगवान शिव से जुड़े होने के कारण शहर की धार्मिक विरासत को मजबूती देगा।
मायने और प्रभाव
त्रिशूल तिराहे का नाम बदलकर ‘त्रिलोकी चौक’ करना और इसे भव्य रूप देना केवल एक निर्माण कार्य नहीं है, बल्कि बरेली की ‘नाथ नगरी’ वाली पहचान को वैश्विक स्तर पर स्थापित करने की कोशिश है। स्थानीय लोगों के लिए यह बदलाव न केवल गौरव का विषय है, बल्कि इससे शहर के इन्फ्रास्ट्रक्चर और पर्यटन में भी बड़ा उछाल देखने को मिलेगा। आने वाले समय में यह चौक न केवल राहगीरों का रास्ता आसान करेगा, बल्कि बरेली के पर्यटन मानचित्र पर एक चमकता हुआ सितारा बनकर उभरेगा।




