मासूम की खिलखिलाहट छिन गई
कानपुर देहात के शिवली थाना क्षेत्र स्थित जसापुरवा गांव में मंगलवार की तड़के कुदरत ने ऐसा कहर बरपाया कि एक परिवार की खुशियां मातम में बदल गईं। लगातार हो रही बारिश के बीच एक जर्जर मकान की दीवार अचानक भरभराकर गिर गई, जिसमें दबकर सात माह की एक नन्हीं बच्ची ने दम तोड़ दिया।
क्या है पूरा मामला?
घटना मंगलवार सुबह करीब 4 बजे की है, जब पूरा गांव गहरी नींद में सो रहा था। जसापुरवा गांव में बारिश के कारण मकान की दीवार काफी कमजोर हो चुकी थी। अचानक गिरी इस दीवार के मलबे में परिवार के पांच सदस्य दब गए।
आस-पास के ग्रामीणों ने शोर सुनकर तुरंत राहत कार्य शुरू किया और घायलों को मलबे से बाहर निकाला। हालांकि, तब तक बहुत देर हो चुकी थी। सात माह की बच्ची ने मौके पर ही दम तोड़ दिया था, जबकि अन्य चार लोग गंभीर रूप से घायल बताए जा रहे हैं।
प्रशासन की सक्रियता और बचाव
सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे। घायलों को इलाज के लिए नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और मामले की जांच की जा रही है।
मायने और प्रभाव
यह दर्दनाक हादसा हमें आईना दिखाता है कि मानसून के दौरान पुराने और जर्जर मकान कितने खतरनाक साबित हो सकते हैं। कानपुर देहात जैसे इलाकों में कई कच्चे या जर्जर मकान ऐसे हैं जो जरा सी बारिश नहीं झेल पाते।
- सुरक्षा का सवाल: बारिश के मौसम में पुराने मकानों में रहने वाले लोगों को सतर्क रहना बेहद जरूरी है।
- प्रशासनिक लापरवाही: जर्जर मकानों की पहचान कर उन्हें खाली कराने की दिशा में समय रहते कदम उठाने की आवश्यकता है।
- जन-जागरूकता: बरसात के दौरान दरार वाले घरों से दूरी बनाना ही एकमात्र बचाव है।
इस हादसे ने न केवल एक परिवार को उजाड़ दिया, बल्कि प्रशासन के लिए भी चेतावनी है कि वह बरसात से पहले असुरक्षित इमारतों का सर्वे कर जनहानि को रोकने के पुख्ता इंतजाम करे।





