आगरा की शांत कही जाने वाली आवास विकास कॉलोनी में उस वक्त मातम पसर गया, जब सेक्टर-10 स्थित एक घर से उठती आग की लपटों ने एक बुजुर्ग की जान ले ली। कोचिंग सेंटर चलाने वाले 68 वर्षीय विनय बोस इस अग्निकांड में अकेले फंसे रह गए और तड़प-तड़प कर उनकी जान चली गई।
क्या है पूरा मामला?
घटना की सूचना मिलते ही दमकल विभाग की गाड़ियां मौके पर पहुंचीं, लेकिन आग इतनी विकराल थी कि सब कुछ राख हो चुका था। जब आग पर काबू पाया गया, तब तक घर के अंदर विनय बोस का शव बुरी तरह झुलस चुका था। पुलिस ने मौके से उनका आधार कार्ड बरामद किया है, जिस पर छत्तीसगढ़ का पता दर्ज है।
परिजनों की तलाश में जुटी पुलिस
- पुलिस ने आधार कार्ड के पते पर छत्तीसगढ़ पुलिस से संपर्क किया, लेकिन वहां से अभी तक कोई पुख्ता जानकारी नहीं मिल पाई है।
- आस-पास के लोगों का कहना है कि विनय बोस काफी समय से यहां अकेले ही रह रहे थे।
- फिलहाल पुलिस उनकी कॉल डिटेल खंगाल रही है ताकि उनके किसी करीबी या रिश्तेदार तक पहुंचा जा सके।
मायने और प्रभाव: आम जनता के लिए चेतावनी
यह घटना सुरक्षा मानकों की अनदेखी पर गंभीर सवाल खड़े करती है। शहर के रिहायशी इलाकों में चल रहे कोचिंग सेंटरों और बुजुर्गों के अकेलेपन के प्रति समाज को अधिक सजग होने की जरूरत है।
विशेषज्ञों का मानना है कि घर में फायर एक्सटिंग्विशर की मौजूदगी और बुजुर्गों के लिए आपातकालीन संपर्क नंबरों का सहज उपलब्ध होना ऐसे हादसों में जान बचा सकता है। प्रशासन को भी रिहायशी मकानों में चल रहे व्यावसायिक प्रतिष्ठानों की सुरक्षा ऑडिट करने की आवश्यकता है, ताकि किसी और को ऐसी अनहोनी का सामना न करना पड़े।




