सोमवार की सुबह कासगंज की सड़कों पर मातम पसर गया। कासगंज के मोहनपुरा में श्रद्धालुओं से भरी एक मैक्स पिकअप और ट्रेलर की भीषण टक्कर ने पूरे इलाके को दहला कर रख दिया है। हादसे के वक्त पिकअप में सवार श्रद्धालु गहरी नींद में थे, लेकिन एक तेज धमाके और चीख-पुकार के साथ उनकी आखिरी सुबह की शुरुआत हुई।
क्या है पूरा मामला?
राजस्थान से गंगा स्नान के लिए निकल रहे श्रद्धालुओं का यह काफिला सोमवार सुबह करीब 4:30 बजे जैसे ही शिवा इंटर कॉलेज के पास पहुंचा, सामने से आ रहे एक अनियंत्रित ट्रेलर से उनकी पिकअप टकरा गई। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि पिकअप के परखच्चे उड़ गए।
स्थानीय लोगों के अनुसार, आवाज इतनी तेज थी कि दूर तक सुनाई दी। पुलिस और प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची तो सड़क पर खून और बिखरे हुए शवों का मंजर देख हर कोई स्तब्ध रह गया। इस हादसे में मौके पर ही 3 लोगों ने दम तोड़ दिया, जबकि अस्पताल ले जाते समय 3 और श्रद्धालुओं की मौत हो गई। 20 से ज्यादा लोग गंभीर रूप से घायल हैं, जिनका इलाज जारी है।
क्यों हुआ इतना भीषण हादसा?
प्राथमिक जांच में सामने आया है कि मोहनपुरा बाईपास पर चल रहे काम के कारण बैरिकेडिंग लगाई गई थी। इसके चलते सड़क के दोनों तरफ का ट्रैफिक एक ही लेन से गुजारा जा रहा था। यह व्यवस्था ही मौत का कारण बन गई। ट्रेलर का डीजल टैंक भी टक्कर के बाद फट गया, जिससे सड़क पर डीजल फैल गया और स्थिति और भी खतरनाक हो गई।
मायने और प्रभाव: आम जनता के लिए क्यों जरूरी है यह?
- सड़क सुरक्षा और इंजीनियरिंग: यह हादसा प्रशासन की ‘ट्रैफिक डायवर्जन’ नीति पर गंभीर सवाल उठाता है। सिंगल लेन पर भारी वाहनों का दबाव कम करने के लिए पुख्ता इंतजाम क्यों नहीं थे?
- मानवीय चूक बनाम व्यवस्था: भले ही हादसे की वजह टक्कर है, लेकिन अधूरे निर्माण कार्य और सही साइनेज न होना आम नागरिकों की जान जोखिम में डाल रहा है।
- सतर्कता का संदेश: लंबी दूरी की यात्रा करने वाले ड्राइवरों को अक्सर थकान के कारण नींद आ जाती है, जो ऐसे हादसों का सबसे बड़ा कारण बनता है।
फिलहाल, दमकल विभाग की टीम ने सड़क पर फैले खून और डीजल को साफ किया है ताकि अन्य गाड़ियाँ न फिसलें। पुलिस मामले की जांच कर रही है और यह तय किया जा रहा है कि इस लापरवाही के लिए कौन जिम्मेदार है।



