हरदोई जिले के रूदामऊ गांव से पिकनिक मनाने हरिद्वार गए दो चचेरे भाइयों की कहानी एक गहरे रहस्य में बदल गई है। 14 अगस्त को खुशहाली के साथ शुरू हुई यह यात्रा अब मातम में बदल चुकी है, जहां एक युवक का शव मिलने के बाद परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है, वहीं दूसरे युवक का अभी भी कोई सुराग नहीं मिल सका है।
क्या है पूरा मामला?
रूदामऊ निवासी नलनी नंदन श्रीवास्तव (25) और ललित श्रीवास्तव (26) हरिद्वार के भगवानपुर में एक निजी फैक्ट्री में कार्यरत थे। 16 अगस्त को वे अपने दो स्थानीय दोस्तों, करन सक्सेना और रज्जाक के साथ पिकनिक मनाने के लिए ऋषिकेश के पास सिकटाली स्थित झेड़ पिकनिक स्पॉट पर गए थे। उसी रात दोनों भाइयों के मोबाइल फोन अचानक स्विच ऑफ हो गए, जबकि उनके दोस्त 17 अगस्त को वापस हरदोई लौट आए।
पोस्टमार्टम के बाद हुई पहचान
परिजनों के दबाव के बाद जब मामला खुला, तो जांच में चौंकाने वाली चीजें सामने आईं। पिकनिक स्थल के पास से दोनों भाइयों के कपड़े और बैग लावारिस हालत में मिले, लेकिन उनके पर्स और एटीएम कार्ड गायब थे। इसी बीच 27 अगस्त को ऋषिकेश के पशु लोक घाट के पास एक अज्ञात शव बरामद हुआ, जिसकी पहचान ललित श्रीवास्तव के रूप में उसके परिजनों ने हाथों में पहनी अंगूठी और कलावा से की।
पुलिस की कार्रवाई और सस्पेंस
लक्ष्मण झूला पुलिस ने इस मामले को बेहद गंभीरता से लिया है। वर्तमान में पुलिस करन और रज्जाक को हिरासत में लेकर पूछताछ कर रही है। अब सवाल यह उठ रहा है कि पिकनिक के दौरान ऐसी कौन सी घटना घटी कि दो युवक लापता हो गए और एक का शव मिला, जबकि दूसरा अभी भी लापता है।
मायने और प्रभाव
यह घटना न केवल एक परिवार की त्रासदी है, बल्कि उन लोगों के लिए भी एक चेतावनी है जो पर्यटन स्थलों पर असुरक्षित जगहों पर जाते हैं। स्थानीय पुलिस की जांच अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि क्या यह महज एक दुर्घटना थी या इसके पीछे किसी साजिश की आशंका है। हरदोई के स्थानीय निवासियों के लिए यह घटना किसी बड़े सदमे से कम नहीं है और प्रशासन की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं कि आखिर दो युवकों के लापता होने के बावजूद कार्रवाई में देरी क्यों हुई।




