मेरठ की सड़क पर सरेआम थप्पड़, अब भड़का है जनाक्रोश
मेरठ के कमिश्नरी पार्क में इस वक्त सन्नाटा नहीं, बल्कि भारी आक्रोश गूंज रहा है। एक तरफ बहुजन समाज की महापंचायत चल रही है, तो दूसरी तरफ मेरठ के तत्कालीन एसएसपी आईपीएस अविनाश पांडेय के खिलाफ विरोध की आग तेज हो गई है। मामला एक वायरल वीडियो से जुड़ा है, जिसमें कथित तौर पर पुलिस अधिकारी द्वारा रवि गौतम को थप्पड़ मारने की तस्वीरें सामने आई थीं।
क्या है पूरा मामला?
विवाद की शुरुआत एक प्रदर्शन के दौरान हुई, जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर जंगल की आग की तरह फैल गया। इस वीडियो में आईपीएस अविनाश पांडेय और अन्य पुलिस अधिकारियों की मौजूदगी में रवि गौतम और प्रदर्शनकारियों के साथ हाथापाई और थप्पड़ मारने की घटना दिखाई दे रही है। इस घटना के बाद से ही इलाके में पुलिस की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
रवि गौतम का बड़ा ऐलान
महापंचायत के मंच से रवि गौतम ने साफ कर दिया है कि यह लड़ाई अब व्यक्तिगत नहीं रही। उन्होंने कहा, “जब तक आईपीएस अविनाश पांडेय पर सख्त कानूनी कार्रवाई नहीं होती, तब तक हमारा आंदोलन जारी रहेगा।” प्रदर्शनकारी अधिकारियों की इस कार्रवाई को मानवाधिकारों का उल्लंघन बता रहे हैं और प्रशासनिक तंत्र पर मनमानी का आरोप मढ़ रहे हैं।
मायने और प्रभाव
इस घटना ने उत्तर प्रदेश की पुलिसिंग और राजनीतिक गलियारों में हलचल मचा दी है। इसके मुख्य मायने ये हैं:
- प्रशासन बनाम जनता: यह मुद्दा पुलिस और आम जनता के बीच बढ़ते भरोसे के संकट को दर्शाता है।
- जवाबदेही का सवाल: क्या ऊंचे ओहदे पर बैठे अधिकारी कानून से ऊपर हैं? जनता अब सीधे जवाब मांग रही है।
- कानूनी पेच: अगर इस मामले में जल्द निष्पक्ष जांच नहीं हुई, तो मेरठ में कानून-व्यवस्था की स्थिति और अधिक बिगड़ सकती है।
आने वाले दिनों में यह आंदोलन किस करवट बैठेगा, यह देखना दिलचस्प होगा। फिलहाल, प्रशासन की चुप्पी और प्रदर्शनकारियों की जिद के बीच मेरठ का पारा सातवें आसमान पर है।



