उत्तर प्रदेश के मौसम में अब एक बड़ा बदलाव देखने को मिलने वाला है। पिछले कई दिनों से झमाझम बारिश के बाद, अब राज्य में मानसून की सक्रियता कम होने की संभावना है। मौसम विभाग ने संकेत दिए हैं कि अगले कुछ दिनों तक बारिश का दौर थम सा जाएगा, जिससे तापमान के साथ-साथ उमस में भी भारी बढ़ोतरी हो सकती है।
उमस करेगी बेहाल, पारा चढ़ने के आसार
मौसम विज्ञान केंद्र, लखनऊ के अनुसार, प्रदेश के अधिकतर हिस्सों में अब बादलों की आवाजाही कम हो जाएगी। बारिश की कमी सीधे तौर पर उमस का कारण बनेगी, जिससे आम जनता को भीषण गर्मी का सामना करना पड़ सकता है। आने वाले दिनों में धूप और उमस का कॉम्बिनेशन लोगों के लिए परेशानी का सबब बनेगा।
19 जिलों में वज्रपात की चेतावनी
हालांकि मानसून कमजोर पड़ रहा है, लेकिन अभी भी खतरा पूरी तरह टला नहीं है। मौसम विभाग ने यूपी के 19 जिलों के लिए वज्रपात (आकाशीय बिजली) को लेकर अलर्ट जारी किया है। इन क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है, खासकर खुले मैदानों और खेतों में काम करने वाले किसानों को।
किन बातों का रखें ध्यान:
- खराब मौसम के दौरान ऊंचे पेड़ों और बिजली के खंभों के नीचे न खड़े हों।
- अचानक हो रही बारिश या चमक के दौरान पक्के घरों के भीतर रहें।
- बिजली गिरने की स्थिति में धातु की वस्तुओं से दूरी बनाए रखें।
मायने और प्रभाव: आम जनता पर असर
मानसून के अचानक सुस्त पड़ने का सबसे सीधा असर खेती और बिजली की खपत पर पड़ता है। धान की फसल के लिए यह समय काफी संवेदनशील है, क्योंकि बारिश में कमी से सिंचाई का खर्च बढ़ सकता है। वहीं, उमस बढ़ने से घरों में बिजली की मांग में इजाफा होगा, जिससे लो-वोल्टेज और ट्रिपिंग की समस्याएं आम हो सकती हैं। आप अपनी सेहत का ख्याल रखें, क्योंकि इस तरह के बदलते मौसम में वायरल फीवर और हीट स्ट्रोक का खतरा सबसे अधिक होता है।



