कानपुर के अपराध जगत में लंबे समय से पुलिस की आंखों में धूल झोंक रहे एक शातिर अपराधी का खेल खत्म हो गया है। उत्तर प्रदेश एसटीएफ की लखनऊ यूनिट ने बड़ी कार्रवाई करते हुए 50 हजार रुपये के इनामी बदमाश को धर दबोचा है। लंबे समय से वांछित इस अपराधी पर गैंगस्टर एक्ट के तहत गंभीर मामले दर्ज थे।
पुलिस भर्ती परीक्षा में फर्जीवाड़े का आरोपी
जांच में सामने आया है कि यह अपराधी सिर्फ संगठित अपराध तक ही सीमित नहीं था। आरोपी पर आरोप है कि उसने पुलिस भर्ती परीक्षा के दौरान भी अपना नाम और पहचान बदलकर धोखाधड़ी करने की कोशिश की थी। एसटीएफ लंबे समय से उसकी लोकेशन ट्रैक कर रही थी।
कैसे जाल में फंसा शातिर?
- एसटीएफ की लखनऊ यूनिट को सटीक इनपुट मिले थे।
- कानपुर में सक्रिय होने की सूचना पर घेराबंदी की गई।
- आरोपी की पहचान छिपाने की हर कोशिश नाकाम रही।
पकड़े गए अपराधी का नेटवर्क काफी विस्तृत बताया जा रहा है। पुलिस अब उससे पूछताछ कर रही है ताकि उसके अन्य साथियों और अपराधों के बारे में जानकारी जुटाई जा सके।
मायने और प्रभाव
इस गिरफ्तारी के बाद कानपुर में सक्रिय गैंग्सटरों में हड़कंप मच गया है। पुलिस भर्ती जैसी परीक्षाओं में सेंधमारी करने वालों की धरपकड़ यह साबित करती है कि प्रशासन अब ऐसे अपराधियों के प्रति जीरो टॉलरेंस की नीति अपना रहा है। आम जनता के लिए यह राहत की खबर है, क्योंकि ऐसे अपराधियों का समाज में खुला घूमना युवाओं के भविष्य और सुरक्षा के लिए बड़ा खतरा था।




