कानपुर में एक युवती के साथ ठगी का ऐसा मामला सामने आया है, जिसने हर किसी को सन्न कर दिया है। शादी का सपना दिखाकर न सिर्फ एक युवती के जज्बातों से खिलवाड़ किया गया, बल्कि उसके नाम पर बैंक खाते खुलवाकर आपराधिक गतिविधियों को अंजाम दिया गया। साइबर अपराधियों ने खुद को आरएएफ (RAF) का जवान बताकर युवती का भरोसा जीता और फिर उसे एक बड़ी कानूनी मुसीबत में धकेल दिया।
मैट्रिमोनियल साइट से शुरू हुआ झांसा
पीड़िता ने बताया कि उसकी मुलाकात मैट्रिमोनियल साइट के जरिए एक शख्स से हुई थी। खुद को आरएएफ का जवान बताने वाले इस व्यक्ति ने शादी का झांसा देकर युवती का विश्वास हासिल किया। धीरे-धीरे बातों का सिलसिला आगे बढ़ा और अपराधी ने युवती से बैंक खाते खुलवाने और उनके दस्तावेजों का उपयोग करने की बात कही। उस समय युवती को जरा भी अंदाजा नहीं था कि वह अनजाने में किसी बड़े अपराध का हिस्सा बन रही है।
अवैध लेनदेन का खुला राज
जब इन खातों में संदिग्ध तरीके से बड़ी रकम का लेनदेन शुरू हुआ, तो बैंक की तरफ से नोटिस आने लगे। जांच में पता चला कि युवती के नाम पर खुले इन खातों का इस्तेमाल साइबर ठगी की रकम को इधर-उधर करने के लिए किया जा रहा था। जैसे ही इस बात का खुलासा हुआ, आरोपी ने अपना फोन बंद कर लिया और फरार हो गया। ठगे जाने का अहसास होते ही पीड़िता ने कानपुर पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है।
मायने और प्रभाव: आपके लिए जानना क्यों जरूरी है?
- सावधानी ही बचाव है: ऑनलाइन दोस्ती में किसी के कहने पर बैंक खाता या केवाईसी दस्तावेज साझा करना आपको जेल की हवा खिला सकता है।
- अकाउंट की सुरक्षा: आपका बैंक खाता आपके नाम पर है, उसकी कानूनी जिम्मेदारी सिर्फ आपकी है। किसी दूसरे के लेनदेन के लिए अपना अकाउंट इस्तेमाल करने देना जुर्म है।
- साइबर सेल की सतर्कता: पुलिस अब ऐसे मामलों में मनी लॉन्ड्रिंग और साइबर अपराध की धाराओं के तहत कार्रवाई कर रही है।
यह घटना एक चेतावनी है कि डिजिटल युग में ‘प्यार’ के नाम पर आने वाले हर अनुरोध को आंख मूंदकर स्वीकार न करें। अगर आपके साथ भी ऐसी कोई घटना होती है, तो तुरंत साइबर क्राइम पोर्टल (1930) पर रिपोर्ट करें और अपने बैंक को सूचित करें।




