मथुरा की सड़कों पर आज एक बार फिर मातम पसर गया। जीएलए विश्वविद्यालय में पढ़ने वाली एक होनहार बीबीए छात्रा की सड़क हादसे में जान चली गई। जैत कट के पास हुए इस खौफनाक हादसे ने न केवल छात्रा के परिवार को झकझोर कर रख दिया है, बल्कि विश्वविद्यालय के छात्रों और स्थानीय निवासियों में भी गहरा आक्रोश है।
क्या है पूरा मामला?
प्राप्त जानकारी के अनुसार, छात्रा अपनी स्कूटी से किसी कार्यवश जा रही थी। जैसे ही वह जैत कट के पास पहुंची, एक तेज रफ्तार अज्ञात वाहन ने उसे जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि छात्रा सड़क पर जा गिरी और गंभीर रूप से घायल हो गई।
स्थानीय लोगों की सूचना पर तुरंत मौके पर पहुंची पुलिस ने घायल छात्रा को आनन-फानन में जिला अस्पताल पहुंचाया। लेकिन नियति को कुछ और ही मंजूर था, वहां मौजूद डॉक्टरों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। घटना के बाद से ही आरोपी वाहन चालक मौके से फरार हो गया है।
पुलिस की कार्रवाई और परिजनों का हाल
घटना की खबर मिलते ही छात्रा के परिजन अस्पताल पहुंचे, जहां उनका रो-रोकर बुरा हाल है। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और फरार वाहन चालक की तलाश तेज कर दी है।
- पुलिस की कार्ययोजना:
- आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं।
- अज्ञात वाहन के हुलिए के आधार पर घेराबंदी की जा रही है।
- जैत कट पर सुरक्षा और ट्रैफिक नियमों को लेकर सख्त निर्देश दिए गए हैं।
मायने और प्रभाव
यह घटना मथुरा में सड़क सुरक्षा की पोल खोलती है। जीएलए विश्वविद्यालय के आसपास का इलाका हमेशा से ट्रैफिक के मामले में संवेदनशील रहा है। इस तरह के हादसों से यह सवाल उठना लाजिमी है कि भारी वाहनों की बेतहाशा रफ्तार पर लगाम क्यों नहीं लग पा रही है? प्रशासन को न केवल सड़कों पर पुलिस पिकेट बढ़ाने की जरूरत है, बल्कि जैत जैसे प्रमुख कटों पर स्पीड ब्रेकर और बेहतर लाइटिंग की व्यवस्था करनी होगी ताकि भविष्य में किसी और घर का चिराग न बुझे।





