हरदोई में एक युवक ने मौत को मात देकर नया जीवन पाया है। खेत में काम करते समय एक जहरीले सांप ने युवक को अपना शिकार बनाया, लेकिन उसके भाई की सूझबूझ और डॉक्टरों की तत्परता ने उसे यमराज के दरवाजे से वापस खींच लिया। दो घंटे का वह वक्त किसी जंग से कम नहीं था।
कैसे हुई घटना?
पीड़ित युवक अपने खेत में घास की बोरियां हटा रहा था। उसे अंदाजा भी नहीं था कि उन बोरियों के नीचे एक घातक सांप दुबक कर बैठा है। जैसे ही उसने बोरी उठाई, सांप ने तेजी से उसके हाथ में डस लिया। देखते ही देखते युवक का शरीर सुन्न होने लगा और वह बेहोशी की हालत में जाने लगा।
भाई की अनोखी तरकीब
युवक के भाई ने हिम्मत नहीं हारी। उसे पता था कि अगर उसका भाई सो गया या उसका नर्वस सिस्टम धीमा पड़ा, तो जहर पूरे शरीर में फैल जाएगा। भाई ने उसे जगाए रखने के लिए लगातार करीब 150 थप्पड़ मारे और बार-बार उसके चेहरे पर पानी के छींटे मारे। यह अजीबोगरीब कदम युवक के नर्वस सिस्टम को सक्रिय रखने में मददगार साबित हुआ।
अस्पताल में चली जान बचाने की जद्दोजहद
अस्पताल पहुँचते ही डॉक्टरों की टीम ने मोर्चा संभाल लिया। युवक की हालत इतनी गंभीर थी कि उसे लगातार 15 एंटी-वेनम इंजेक्शन दिए गए। डॉक्टर खुद इस बात से हैरान थे कि युवक की जान बच गई, क्योंकि जहर का असर बहुत गहरा हो चुका था। फिलहाल युवक खतरे से बाहर है और रिकवर कर रहा है।
मायने और प्रभाव
यह मामला ग्रामीण इलाकों में सांप के डसने के बाद किए जाने वाले प्राथमिक उपचार पर एक बड़ी बहस छेड़ता है।
- जागरूकता जरूरी: सांप के डसने के तुरंत बाद घबराने के बजाय सही समय पर अस्पताल पहुँचना ही एकमात्र सुरक्षित तरीका है।
- अंधविश्वास से बचें: लोग अक्सर ओझा या झाड़-फूंक के चक्कर में कीमती समय बर्बाद कर देते हैं, जो जानलेवा हो सकता है।
- फर्स्ट एड की अहमियत: पीड़ित को होश में रखना एक बड़ा मेडिकल चैलेंज होता है, जिसे इस मामले में भाई ने अपनी तत्परता से पूरा किया।



