धार्मिक आस्था लेकर भारत पहुंची एक श्रीलंकाई महिला का सफर बलरामपुर में थम गया। श्रावस्ती की पवित्र यात्रा पर निकला श्रद्धालुओं का समूह उस समय गहरे सदमे में डूब गया जब बस के भीतर ही एक महिला तीर्थयात्री ने दम तोड़ दिया।
लुंबिनी से श्रावस्ती की यात्रा बनी अंतिम सफर
यह दुखद घटना उस समय घटी जब श्रीलंकाई नागरिकों का एक समूह नेपाल के लुंबिनी से बौद्ध सर्किट के अगले पड़ाव श्रावस्ती की ओर जा रहा था। बस में सवार महिला को अचानक सीने में तेज दर्द उठा। साथी तीर्थयात्रियों ने आनन-फानन में बस रुकवाई और उन्हें मदद देने की कोशिश की।
अस्पताल पहुंचने से पहले गई जान
महिला की बिगड़ती हालत को देखते हुए उन्हें तुरंत नजदीकी अस्पताल ले जाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया। प्रथम दृष्टया मौत का कारण दिल का दौरा (हार्ट अटैक) माना जा रहा है। स्थानीय प्रशासन ने मामले की सूचना मिलते ही श्रीलंकाई दूतावास और संबंधित अधिकारियों को जानकारी दे दी है।
मायने और प्रभाव
यह घटना न केवल एक व्यक्तिगत क्षति है, बल्कि अंतरराष्ट्रीय पर्यटन और तीर्थयात्रा के नजरिए से भी संवेदनशील है। श्रावस्ती बौद्ध धर्म का एक प्रमुख केंद्र है और यहां दुनिया भर से अनुयायी आते हैं। इस घटना के बाद स्थानीय पुलिस और स्वास्थ्य विभाग ने विदेशी पर्यटकों की सुरक्षा और आपातकालीन चिकित्सा सहायता को लेकर सतर्कता बढ़ा दी है। यह मामला अंतरराष्ट्रीय यात्रियों के लिए भारत में मेडिकल प्रोटोकॉल और त्वरित प्रतिक्रिया तंत्र की महत्ता को भी रेखांकित करता है।



