कानपुर के काकादेव इलाके से एक दिल दहला देने वाली खबर सामने आई है। सर्वोदयनगर के लोहारन का भट्ठा निवासी 45 वर्षीय रिक्शा चालक बबलू निषाद का शव उनके ही घर में फंदे से लटका मिला। इस घटना ने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी है और परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है।
क्या है पूरा मामला?
मृतक बबलू निषाद अपने परिवार के साथ काकादेव थाना क्षेत्र में रहते थे। शुक्रवार दोपहर बबलू खाना खाने के लिए घर आए थे, जबकि उस समय उनकी पत्नी सुमन अपनी ड्यूटी पर गई थीं और बच्चे भी घर से बाहर थे। कुछ समय बाद जब उनका बेटा वापस लौटा, तो पिता को फंदे पर लटका देख उसके होश उड़ गए।
परिजनों का आरोप और पुलिस की जांच
बबलू के भाइयों ने इस घटना को आत्महत्या मानने से इनकार कर दिया है। उनका कहना है कि कमरे का दरवाजा खुला था और शव की स्थिति देखकर लगता है कि यह खुदकुशी नहीं, बल्कि सोची-समझी हत्या है।
- परिजन का तर्क: बबलू के घुटने मुड़े हुए थे, जो आत्महत्या की स्थिति में सामान्य नहीं होते।
- पुलिस की कार्रवाई: सूचना मिलते ही काकादेव थाना पुलिस और फॉरेंसिक टीम मौके पर पहुंची। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया है।
काकादेव इंस्पेक्टर धर्मेंद्र कुमार राम के अनुसार, फिलहाल प्रथम दृष्टया मामला सुसाइड का लग रहा है, लेकिन परिजनों की शिकायत को गंभीरता से लिया गया है। पुलिस हर पहलू से जांच कर रही है ताकि सच्चाई सामने आ सके।
मायने और प्रभाव
यह घटना एक बार फिर शहर में सुरक्षा और आपसी कलह जैसे संवेदनशील मुद्दों को उजागर करती है। एक गरीब परिवार के मुखिया की असामयिक मौत न केवल परिवार के लिए रोजी-रोटी का संकट खड़ा करती है, बल्कि इलाके के लोगों के मन में भी डर पैदा करती है। इस तरह के मामलों में निष्पक्ष जांच होना बेहद जरूरी है, ताकि अगर यह हत्या है, तो दोषियों को कड़ी सजा मिले और अगर कोई और वजह है, तो पीड़ित परिवार को न्याय का भरोसा मिल सके।



