क्या आप अपनी थाली पर भरोसा कर सकते हैं?
बेंगलुरु के नामी-गिरामी फाइव स्टार होटलों में खाना खाने का सपना देखने वालों के लिए एक बुरी खबर है। हाल ही में फूड सेफ्टी विभाग की रेड में जो तस्वीरें सामने आई हैं, वे किसी भी इंसान के होश उड़ाने के लिए काफी हैं। जिस लक्जरी के नाम पर आप हजारों रुपये खर्च करते हैं, उसी की रसोई में सड़ी-गली सब्जियां और एक्सपायर हो चुका दूध परोसा जा रहा था।
रेड में खुला गंदगी का साम्राज्य
फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया (FSSAI) की टीम ने जब बेंगलुरु के प्रमुख फाइव स्टार होटलों पर अचानक छापेमारी की, तो अधिकारियों को किचन का हाल देखकर यकीन नहीं हुआ। किचन के अंदर के हालात किसी सड़क किनारे की ढाबे से भी बदतर मिले।
- फ्रिज में सड़ी हुई और फफूंद लगी सब्जियां स्टॉक की गई थीं।
- डेयरी उत्पादों में एक्सपायर्ड दूध और पनीर का धड़ल्ले से इस्तेमाल हो रहा था।
- मीट और अन्य फ्रोजन फूड को बिना किसी लेबलिंग या एक्सपायरी डेट के रखा गया था।
- किचन की साफ-सफाई के मानकों की खुलेआम धज्जियां उड़ाई जा रही थीं।
क्यों फाइव स्टार होटलों में हो रही ऐसी धांधली?
सवाल यह उठता है कि मोटी रकम वसूलने वाले ये होटल अपनी सेहत और साख से इतना बड़ा खिलवाड़ क्यों कर रहे हैं? सूत्रों की मानें तो लागत कम करने और मुनाफा बढ़ाने की होड़ में इन होटलों के मैनेजमेंट ने सुरक्षा नियमों को पूरी तरह दरकिनार कर दिया है। ये होटल जानते हैं कि रसूख के आगे अक्सर अधिकारी कार्रवाई करने से कतराते हैं, लेकिन इस बार मिली शिकायतों के बाद विभाग ने सख्त रुख अपनाया है।
मायने और प्रभाव: आम जनता के लिए क्या है खतरा?
यह मामला केवल एक होटल का नहीं, बल्कि पूरे हॉस्पिटैलिटी सेक्टर के भरोसे का है। जब आप बाहर खाना खाने जाते हैं, तो आप केवल स्वाद के लिए नहीं, बल्कि हाइजीन के लिए भी प्रीमियम कीमत चुकाते हैं। ऐसी खबरें सीधे तौर पर फूड पॉइजनिंग और पेट से जुड़ी गंभीर बीमारियों का कारण बन सकती हैं।
प्रभाव: यह खुलासा सरकारी एजेंसियों की विफलता को भी दर्शाता है। यदि समय-समय पर ऑडिट नहीं किए गए, तो आम आदमी की सेहत के साथ यह खिलवाड़ यूं ही जारी रहेगा। अब समय आ गया है कि इन होटलों पर भारी जुर्माना लगाने के साथ-साथ उनके लाइसेंस भी रद्द किए जाएं ताकि डर का माहौल बने।



