श्री कृष्ण जन्माष्टमी का पावन पर्व नजदीक है और मथुरा की गलियों में कान्हा के स्वागत की तैयारियां जोर-शोर से चल रही हैं। इस बार अगर आप भी अपने मोहल्ले या चौराहे पर भंडारे का आयोजन करने की सोच रहे हैं, तो रुकिए। मथुरा नगर निगम ने इस साल के उत्सव के लिए बेहद सख्त और स्पष्ट गाइडलाइंस जारी कर दी हैं।
अनिवार्य है अनुमति, समय सीमा का रखें ध्यान
नगर निगम प्रशासन ने साफ कर दिया है कि सार्वजनिक स्थानों पर भंडारा या प्रसाद वितरण करने के लिए अब अनुमति लेना अनिवार्य है। आयोजकों को 25 अगस्त 2026 तक नगर निगम कार्यालय में आवेदन जमा करना होगा। बिना अनुमति के पंडाल लगाने पर कार्रवाई की जा सकती है।
सिंगल यूज प्लास्टिक पर सख्त प्रतिबंध
पर्यावरण को ध्यान में रखते हुए निगम ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि भंडारे में सिंगल यूज प्लास्टिक के गिलास, चम्मच या प्लेट का इस्तेमाल पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा। आयोजकों को पत्तल या इको-फ्रेंडली विकल्पों का ही उपयोग करना होगा। पकड़े जाने पर भारी जुर्माने का प्रावधान भी रखा गया है।
- भीड़भाड़ वाले रास्तों पर पंडाल लगाने की अनुमति नहीं होगी।
- भंडारे के बाद सफाई की पूरी जिम्मेदारी आयोजक की होगी।
- ट्रैफिक व्यवस्था को बाधित न करने के निर्देश दिए गए हैं।
मायने और प्रभाव
मथुरा प्रशासन का यह कदम न केवल शहर की स्वच्छता को बनाए रखने के लिए है, बल्कि सुरक्षा के नजरिए से भी महत्वपूर्ण है। पिछले वर्षों में सड़कों पर लगे भंडारों के कारण ट्रैफिक जाम की समस्या आम थी, जिसे इस बार नई गाइडलाइंस से व्यवस्थित करने की कोशिश की गई है। श्रद्धालुओं और स्थानीय जनता के लिए यह जरूरी है कि वे नियमों का पालन करें ताकि आस्था के इस महापर्व में कोई विघ्न न आए और शहर की व्यवस्था भी सुचारू बनी रहे।



