कानपुर में एक खाकी वर्दी वाले सिपाही के अचानक गायब हो जाने का मामला अब गंभीर मोड़ ले चुका है। मथुरा की रहने वाली आरती अपने पिता के साथ कानपुर पुलिस कमिश्नर दफ्तर पहुंची और अपने पति, जो पेशे से पुलिस सिपाही है, की तलाश के लिए गुहार लगाई। आरती का दावा है कि उनका पति पिछले दो सालों से रहस्यमयी तरीके से लापता है, जिसकी कोई सुराग नहीं मिल पा रहा है।
क्या है पूरा मामला?
पीड़ित पत्नी आरती के अनुसार, उनकी शादी 2019 में मथुरा के रहने वाले विकास से हुई थी। विकास कानपुर के बिधनू थाने में सिपाही के पद पर तैनात था। जनवरी 2024 में वह अचानक बिना किसी सूचना के गायब हो गया। आरती ने बताया कि पति को शराब की लत थी और आए दिन उनके बीच विवाद होता था, जिसके चलते उन पर दहेज उत्पीड़न का मुकदमा भी दर्ज कराया गया था।
पुलिस प्रशासन का क्या कहना है?
कानपुर पुलिस कमिश्नर रघुबीर लाल ने इस मामले में संज्ञान लिया है। प्रारंभिक जांच में यह बात सामने आई है कि सिपाही विकास नवंबर 2025 से ही निलंबित चल रहा है। पुलिस अब इस बात की तहकीकात कर रही है कि आखिर दो सालों से यह सिपाही कहां छिपा बैठा है और उसे आखिरी बार कब देखा गया था।
- सिपाही का आधिकारिक रिकॉर्ड खंगाला जा रहा है।
- निलंबन के बाद वह विभाग के संपर्क में क्यों नहीं था, इसकी जांच जारी है।
- परिजनों के बयानों के आधार पर तकनीकी सर्विलांस का सहारा लिया जा रहा है।
मायने और प्रभाव
यह घटना पुलिस विभाग की कार्यप्रणाली पर एक बड़ा सवालिया निशान खड़ा करती है। एक सरकारी सिपाही का दो साल तक लापता रहना न केवल उसकी सुरक्षा के लिए खतरा है, बल्कि यह विभागीय लापरवाही को भी दर्शाता है। आम जनता के लिए यह खबर इसलिए मायने रखती है क्योंकि जब एक वर्दीधारी का अता-पता नहीं मिल पा रहा, तो आम इंसान की सुरक्षा और न्याय की उम्मीद कितनी अधूरी हो सकती है। पीड़ित परिवार अब उम्मीद लगाए बैठा है कि कमिश्नर के दखल के बाद आखिरकार सच सामने आएगा और उन्हें न्याय मिलेगा।



