सुरक्षा में भारी सेंध: अयोध्या धाम रेलवे स्टेशन पर ‘आंखें’ बंद
अयोध्या धाम रेलवे स्टेशन, जो देश के सबसे आधुनिक और व्यस्त स्टेशनों में गिना जाता है, इन दिनों गंभीर सुरक्षा चुनौतियों से जूझ रहा है। लाखों श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र माने जाने वाले इस स्टेशन पर सीसीटीवी सर्विलांस सिस्टम की हालत बेहद खराब है। चौंकाने वाली बात यह है कि यहां लगे कुल 173 कैमरों में से 149 कैमरे लंबे समय से खराब पड़े हैं।
आखिर कौन देख रहा है आपकी सुरक्षा?
स्टेशन परिसर में सुरक्षा के लिए लगाई गई यह तकनीक अब केवल कागजों तक ही सीमित रह गई है। इतने बड़े पैमाने पर कैमरों का बंद होना न केवल यात्रियों की सुरक्षा के लिए खतरा है, बल्कि किसी भी अप्रिय घटना की स्थिति में पुलिस के लिए जांच करना भी नामुमकिन होगा। भीड़भाड़ वाले इलाके में अगर कोई चोरी, छिनैती या संदिग्ध गतिविधि होती है, तो उसके सुराग जुटाने का कोई साधन वहां मौजूद नहीं है।
गंभीर लापरवाही का सिलसिला
- कुल कैमरे: 173
- काम कर रहे कैमरे: केवल 24
- खराब कैमरे: 149
रेलवे प्रशासन की इस लापरवाही का सीधा असर उन लाखों यात्रियों पर पड़ रहा है जो रोजाना दूर-दराज से प्रभु राम के दर्शन करने आते हैं। सवाल यह उठता है कि करोड़ों की लागत से बने इस ‘वर्ल्ड क्लास’ स्टेशन के रखरखाव का जिम्मा संभालने वाली एजेंसियां इस खामी पर आंखें मूंदे क्यों बैठी हैं?
मायने और प्रभाव: आम जनता पर क्या असर?
अयोध्या धाम रेलवे स्टेशन का महत्व सिर्फ एक स्टेशन का नहीं, बल्कि यह अंतरराष्ट्रीय तीर्थ यात्रियों के लिए एक बड़ा प्रवेश द्वार है। कैमरों का बंद होना सीधे तौर पर अपराधी तत्वों के हौसले बुलंद करता है। यदि समय रहते इन कैमरों को ठीक नहीं किया गया, तो किसी भी बड़े हादसे या अपराध की जिम्मेदारी तय करना अधिकारियों के लिए मुश्किल हो जाएगा। सुरक्षा में ऐसी चूक आने वाले समय में एक बड़ी दुर्घटना को न्योता दे सकती है, जिसे रोकना अब प्रशासन की पहली प्राथमिकता होनी चाहिए।

