सावन के महीने में मानसून की चाल धीमी
सावन का महीना चल रहा है और उम्मीद थी कि झमाझम बारिश से शहर सराबोर होगा, लेकिन फिलहाल बादलों ने अपना रुख बदल लिया है। मौसम विभाग ने अगले दो से तीन दिनों तक मानसून के सुस्त रहने का अनुमान जताया है। इसका मतलब यह है कि आपको भारी बारिश के लिए अभी कुछ और दिन इंतजार करना पड़ सकता है।
क्यों सुस्त पड़ा है मानसून?
वरिष्ठ मौसम विज्ञानी डॉ. एसएन सुनील पांडेय के मुताबिक, मानसून की सामान्य ‘ट्रफ लाइन’ जो अब तक मध्य प्रदेश के ऊपर सक्रिय थी, वह खिसककर दक्षिण की ओर चली गई है। इस बदलाव के कारण कानपुर और आसपास के परिक्षेत्रों में नमी की कमी हो गई है, जिससे फिलहाल तेज बारिश की संभावना कम है।
बुधवार को दिखा ‘पॉकेट रेन’ का असर
बुधवार को शहर के अलग-अलग इलाकों में मौसम का दोहरा रूप देखने को मिला। कहीं पर जोरदार बारिश हुई तो कहीं लोग बूंदों के लिए तरसते रहे:
- एयरफोर्स स्टेशन: यहाँ 81.8 मिमी बारिश के साथ जमकर बादल बरसे।
- नौबस्ता: यहां 46.8 मिमी वर्षा दर्ज की गई।
- सिविल लाइंस: मात्र 3.8 मिमी बारिश हुई।
- सीएसए, कंपनी बाग और काकादेव: इन इलाकों में बारिश शून्य रही, जिससे वहां गर्मी और उमस का असर बना रहा।
अगस्त की शुरुआत में बदलेगा मिजाज
अच्छी खबर यह है कि मानसून की यह सुस्ती लंबे समय की नहीं है। मौसम प्रणालियों में दो अगस्त से बड़े बदलाव होने के आसार हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि अगस्त की शुरुआत होते ही मानसून फिर से सक्रिय हो जाएगा और शहर में झमाझम बारिश का दौर दोबारा शुरू होगा। फिलहाल अधिकतम तापमान 34.5 डिग्री और न्यूनतम तापमान 26.8 डिग्री सेल्सियस के आसपास बना हुआ है।
मायने और प्रभाव: आम जनता पर क्या असर?
मानसून की इस सुस्ती का सीधा असर दैनिक जीवन पर पड़ता है। अगले कुछ दिनों तक उमस बढ़ सकती है, जिससे बीमारियां बढ़ने का खतरा भी रहता है। किसानों के लिए यह समय फसलों की निगरानी का है। वहीं, शहरवासियों को सलाह है कि इस दौरान मौसम के अचानक बदलते मिजाज को देखते हुए अपनी सेहत का ख्याल रखें और बिजली की खपत को नियंत्रित रखें, क्योंकि अगस्त के पहले हफ्ते में होने वाली बारिश से जलभराव की स्थिति फिर से बन सकती है।



