"रोज नई ऊर्जा, नई सोच के साथ"

ताजा खबर पडरौना कुशीनगर उत्तर प्रदेश राजनीति क्रिकेट स्पोर्ट्स देश विदेश मौसम बॉलीवुड जॉब - एजुकेशन बिजनेस लाइफस्टाइल राशिफल आध्यात्मिक अन्य

सिटी इंस्टीट्यूट

ऑफ पैरामेडिकल कॉलेज

ADMISSION OPEN
DMLT | DPT | ऑपरेशन थियेटर टेक्निशियन
एवं अन्य पैरामेडिकल कोर्स
9984858492

कानपुर में बड़ा हादसा: चोक नाले के कारण बारिश में ढहे 8 मकान, मलबे में दबकर 6 लोग घायल

कानपुर के जाजमऊ इलाके में आज कुदरत का कहर और प्रशासनिक लापरवाही का मिला-जुला असर देखने को मिला। मूसलाधार बारिश के बीच एक साथ 8 कच्चे-पक्के मकान ताश के पत्तों की तरह ढह गए, जिससे पूरे इलाके में हड़कंप मच गया। हादसे के वक्त मलबे के नीचे दबने से 6 लोग गंभीर रूप से घायल हो गए हैं, जिन्हें आनन-फानन में नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

नाले की सफाई न होना बना मुसीबत

स्थानीय निवासियों का आरोप है कि इलाके का मुख्य नाला लंबे समय से चोक था। भारी बारिश के चलते नाले का पानी ओवरफ्लो होकर घरों की नींव में घुस गया, जिससे मिट्टी धंस गई। नींव कमजोर होते ही देखते ही देखते दर्जनों लोगों का आशियाना जमींदोज हो गया। मलबे के अंदर से लोगों की चीखें सुनकर स्थानीय लोग बचाव कार्य में जुट गए थे, लेकिन प्रशासन की टीम के देरी से पहुंचने पर लोगों में काफी आक्रोश दिखा।

बचाव कार्य और स्थिति

  • हादसे में 6 लोग बुरी तरह जख्मी हुए, जिनका इलाज जारी है।
  • स्थानीय पुलिस और बचाव दल ने मलबे से कई लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला।
  • भारी जलजमाव के कारण राहत और बचाव कार्य में काफी बाधाएं आईं।

मायने और प्रभाव: आम जनता के लिए क्यों है यह जरूरी?

कानपुर का यह हादसा महज एक प्राकृतिक आपदा नहीं, बल्कि नगर निगम की कार्यप्रणाली पर बड़ा सवाल खड़ा करता है। मानसून से पहले नालों की सफाई के दावे हर साल किए जाते हैं, लेकिन जमीनी हकीकत इन ढहते मकानों में साफ दिख रही है। अगर समय रहते नालों की सफाई और ड्रेनेज सिस्टम को दुरुस्त किया गया होता, तो आज कई परिवारों का आशियाना उजड़ने से बच सकता था। यह घटना शहर के उन सभी इलाकों के लिए एक चेतावनी है जहां जल निकासी की व्यवस्था चरमराई हुई है। जनता को अब अपने वार्ड पार्षदों और जिम्मेदार अधिकारियों से जवाब मांगने की जरूरत है ताकि ऐसी त्रासदी दोबारा न हो।

Join WhatsApp

Join Now

Join Telegram

Join Now

Leave a Comment